( अनुभूति अग्रवाल ने अपने, मास्टर आफ आर्किटेक्चर के शोध प्रबंध “जागेश्वर धाम “पर जिला प्रशासन को सुझाव दिए थे)

आर्किटेक्ट अनूभूति अग्रवाल ने उनके द्वारा दिये गये जागेश्वर धाम से संबंधित सुझावों को धरातल पर उतारने पर मुख्यमंत्री धामी, जिलाधिकारी अलमोडा़ का आभार व्यक्त कर हर्ष जताया।
अनुभूति अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने अपने, मास्टर आफ आर्किटेक्चर के शोध प्रबंध “जागेश्वर धाम “पर जिला प्रशासन को कुछ सुझाव दिए थे, जिनमें प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट जागेश्वर धाम कारिडोर का आर्किटेक्चर, पार्किंग, योग, पुराने आर्किटेक्चर को नया रूप देने, मंदिर कमेटी द्वारा भक्तजनों को वैष्णो देवी धाम की तर्ज पर प्रशाद, एक स्मारिका, टुरिस्ट गाईड, यातायात व्यवस्था नियंत्रण हेतु अलमोडा़ से आरतोला तक चैक पोस्ट कूपन वितरण आदि प्रमुख थे।विगत चार अप्रैल को प्रदेश मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय की पहल पर हिमोत्थान योजना के तहत जागेश्वर धाम के लिए जागेश्वर प्रसादम योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना के तहत जागेश्वर धाम के प्रसाद का अलग स्वरूप देखने को मिलेगा।
मुख्य मंत्री नेकहाइसके अंतर्गत जनपद की स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा प्रसाद निर्मित किया जाएगा। इस प्रसाद में श्रद्धालुओं को बाल मिठाई मिलेगी जो शुद्ध पहाड़ी खोया एवं तिल, चौलाई जैसे पहाड़ी उत्पादों से निर्मित होगी साथ ही तांबे के सिक्के दिए जाएंगे।
इन सिक्कों में जागेश्वर धाम की प्रतिमा होगी तथा प्रसाद में जागेश्वर धाम से संबंधित जानकारी की एक छोटी पुस्तक भी होगी। इससे जनपद के प्रसिद्ध ताम्र उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ साथ महिलाओं की आर्थिकी में भी वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय कीइस पहल की प्रशंसा की।
अनूभूति अग्रवाल ने कहा कि अपने शोध प्रबंध के दौरान उनको केन्द्रीय राज्य मंत्री पर्यटन सांसद अजय भट्ट, प्रदेश मुख्यमंत्री धामी, तत्कालीन जिलाधिकारी विनीत तोमर, व जिलाधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय से संवाद का अवसर मिला।
आज हर्ष व गौरव का विषय है कि उनके सुझावों को गंभीरता से लिया और क्रियान्वयन भी हो रहे हैं जिसका श्रेय जागेश्वर धाम की कृपा व आशीष है, जिससे मुझे मास्टर आफ आर्किटेक्चर की उपाधि प्रथम श्रेणी में स्वर्ण पदक के साथ प्राप्त हुयी और देश के प्रथम नागरिक की गरिमामय समारोह में पदक प्राप्त हुआ।


