(पियासी वर्ष ‌की आयु में अंतिम सांस ली। सेवानिवृत्त होने के बाद भी सेवाये दी, मृदुभाषी व्यक्तित्व पर अविस्मरणीय छाप छोड़ गये)
मृदुभाषी व्यक्तित्व के नाम से जाने वाले कमलेश कर्नाटक आज पंचतत्व में विलीन हो गये। पिचयासी साल की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। कमलेश कर्नाटक एक सरल ,सहज , मृदुभाषी पटवारी/ कानूनगो (राजस्व निरीक्षक)के रूप में कमलेश‌ कर्नाटक की एक अजीब ही पहचान रही। सैवानिवृति के बाबजूद उन्होंने पटवारी प्रशिक्षण संस्थान अलमोडा़ में अपने अनुभव को साझा किया। कमलेश कर्नाटक के निधन‌ से समूचे अलमोडा़ में शोक की लहर है तथा शोक संवेदना का सिलसिला जारी है। कर्नाटक के निधन पर, व्यापार मंडल, राजस्व विभाग, कांग्रेस नेताओं सहित अनेक संगठनों ने शोक व्यक्त किया है।

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