चिकन और अंडे के शौकीनों के लिए बड़ी खबर है। जिले में बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए पशुपालन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब एक हफ्ते तक न तो बाहर से मुर्गियां आएंगी और न ही अंडों की खेप।जिले की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है। यानी अब चिकन-अंडा प्रेमियों को सिर्फ लोकल फार्मों पर निर्भर रहना होगा।

Advertisement

पशुपालन विभाग ने साफ कर दिया है कि बर्ड फ्लू को रोकना ही इस वक्त प्राथमिकता है। 25 अगस्त से लागू इस आदेश के तहत चंपावत, अल्मोड़ा और नेपाल से लगी सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। पुलिस और प्रशासन भी इस काम में विभाग का हाथ बंटाएंगे।खास बात यह है कि जिले के थोक और फुटकर अंडा-मांस कारोबारियों ने भी इस कदम का स्वागत किया है।

नगर के अंडा और मांस कारोबारी राजेश जीना, कमल बिष्ट, रवि बिष्ट, नदीम कुरैशी, चंद्रकांत, राजेंद्र महर, सोहन कुमार, हिमांशु सौन, संजय जोशी आदि ने डीएम विनोद गोस्वामी को पत्र देकर कहा कि बर्ड फ्लू को रोकने के लिए यह कदम जरूरी है। उन्होंने कहा कि बाहर से अंडा और मुर्गी का कोई भी वाहन जिले में प्रवेश न करे। हर फुटकर और थोक व्यापारी को इस आदेश का आवश्यक रूप से पालन कराया जाना चाहिए।

पशुपालन विभाग के मुताबिक सीमांत जिले में हर रोज 40 से 50 हजार अंडे और 20 क्विंटल मुर्गियों की खपत है। बाहरी जिलों से अंडा और मुर्गी की आपूर्ति होती है। हर रोज जिले में सात रुपये की दर से अंडे का 24 लाख से अधिक जबकि 115 रुपये किलो की दर से मुर्गी का 16 लाख रुपये से अधिक का कारोबार होता है। ऐसे में साफ है कि एक सप्ताह तक इनकी आपूर्ति बैन होने से जिले में 40 लाख रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित होगा।

पशुपालन विभाग के मुताबिक वर्तमान में जिले में 157 मुर्गी फार्म हैं। इनमें लगभग 63 हजार मुर्गियां हैं। इनका अनुमानित वजन 900 क्विंटल से अधिक है। ऐसे में साफ है कि एक सप्ताह तक बाहर से आपूर्ति बंद होने के बाद भी सीमांत जिले में स्थानीय फार्म में पल रहीं मुर्गियां चिकन के शौकीनों को राहत देगी। इसका सीधा लाभ स्थानीय मुर्गी पालकों को मिलेगा। हालांकि अंडे के शौकीनों को इसके लिए तरसना पड़ सकता है।

जिले में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। एहतियातन एक सप्ताह के लिए बाहरी क्षेत्रों से अंडे और मुर्गी की आपूर्ति पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। स्थानीय फार्मों में मुर्गियों की कमी नहीं है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर इसकी आपूर्ति में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सीमांत जिले के लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सभी फार्मों में मुर्गियों पर निगरानी रखी जा रही है। – डॉ. योगेश शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पिथौरागढ़

चंपावत। एसडीएम अनुराग आर्या ने बर्ड फ्लू से बचाव को लेकर स्थानीय व्यापारियों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने तेजी से फैल रहे बर्ड फ्लू से बचाव के लिए सभी होटयों में अंडा और चिकन कुछ दिनों के लिए न बेचे जाने के निर्देश दिए। कहा कि दुकानों में घरेलू सिलिंडर का उपयोग न करने के निर्देश दिए। पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी l इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी, पूर्ति निरीक्षक भावना जोशी, डॉ. मीना चंद, व्यापार संघ अध्यक्ष विकास साह, एडवोकेट शंकर दत्त पांडे, व्यापार संघ महामंत्री हरीश सक्टा, युवा व्यापार संघ अध्यक्ष मयूख चौधरी, व्यापार संघ कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह पुजारी, वरिष्ठ व्यापारी सुरेश चंद्र पंगरिया मौजूद रहे।

Advertisement
Ad Ad Ad