( सम्बंधित विभाग शंका का समाधान करें, गैर हिल लाइसेंस के चालक दे रहे दुर्घटना व जाम को न्योता)

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क्या पर्वतीय क्षेत्रों में प्राइवेट गाड़ियों के चालकों को “हिल लाइसेंस”आवश्यक है?सम्बंधित विभाग से इस समाचार के माध्यम से अपील की जाती हैकिशंका का समाधान करें।। गैर हिल लाइसेंस के चालक दे रहे दुर्घटना व जाम को न्योता जिसके परिणामस्वरूप अनेक लोग मार्ग दुर्घटना व मौत के शिकार हो रहे हैं।

लेकिन असली वजह की तह पर कोई नहीं जा रहा।यही एक मुख्य कारण सड़क जाम का भी है।इस समस्या का एक जीता जागता उदाहरण आज नैनीताल जनपद के घोड़ाखाल मंदिर के पास दुर्घटना में देखने को मिला है।

एक हरियाणा की प्राईवेट कार ने कार को टक्कर मारी है।जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग को ध्यान देना जनहित में आवश्यक है। एडवोकेट संजय कुमार अग्रवाल का कहना है कि यदि कोई टैक्सी, बस चालक वाहन चलाता है तो हिल लाइसेंस आवश्यक है इतना ही नहीं अपात्र चालक को बीमा कम्पनियां दावा स्वीकार से भी इंकार कर देती है तो निजी वाहन पर ये आमंत्रण क्यों।

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