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विकास भवन स्थित जिला अर्प्रेस नोट
अल्मोड़ा, 29 जून 2026
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में सांख्यिकी दिवस का हुआ आयोजन।
( प्रसिद्ध सांख्यिकितविद् प्रौफेसर प्रशान्त चन्द्र महालोबिस की की 133वीं जयंती पर 20वां सांख्यिकी दिवस मनाया गया)
अल्मोड़ा विकास भवन स्थित जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में सोमवार को प्रसिद्ध सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की 133वीं जयंती के अवसर पर 20वां सांख्यिकी दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. महालनोबिस के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रो. महालनोबिस द्वारा देश के आर्थिक विकास एवं सांख्यिकी के क्षेत्र में दिया गया योगदान आज भी अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने विभाग द्वारा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु किए जा रहे सर्वेक्षणों एवं आंकड़ों के महत्व से उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराया।
इस अवसर पर अपर सांख्यिकीय अधिकारी कोमल साह ने प्रो. महालनोबिस के जीवन, व्यक्तित्व एवं सांख्यिकी के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।
भारत सरकार द्वारा इस वर्ष सांख्यिकी दिवस की थीम “Unlocking the Potential of Administrative Data” निर्धारित की गई है। इसी क्रम में प्रशासनिक डेटा की उपयोगिता पर विचार-विमर्श किया गया। बताया गया कि प्रशासनिक डेटा वह जानकारी है, जिसे विभिन्न सरकारी विभाग एवं एजेंसियां अपनी नियमित प्रशासनिक, सेवागत एवं नियामक प्रक्रियाओं के दौरान एकत्रित करती हैं। यह डेटा देश की वास्तविक परिस्थितियों को समझने, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों में सांख्यिकी की भूमिका, योजनाओं के मूल्यांकन में आंकड़ों के महत्व तथा अर्थ एवं संख्या विभाग द्वारा संचालित सर्वेक्षणों की उपयोगिता पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सांख्यिकी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए निर्देशित किया कि सभी सर्वेक्षणों में आंकड़ों की शुद्धता एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा तथ्यों का सावधानीपूर्वक संकलन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन किया जा सके।
कार्यक्रम में कार्यालय के सहायक सांख्यिकीय अधिकारी सचिन कुमार, प्रशासनिक अधिकारी खीमपाल सिंह चम्याल, वरिष्ठ सहायक कुलसुम परवीन सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।एवं संख्याधिकारी कार्यालय में सोमवार को प्रसिद्ध सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की 133वीं जयंती के अवसर पर 20वां सांख्यिकी दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. महालनोबिस के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रो. महालनोबिस द्वारा देश के आर्थिक विकास एवं सांख्यिकी के क्षेत्र में दिया गया योगदान आज भी अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने विभाग द्वारा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु किए जा रहे सर्वेक्षणों एवं आंकड़ों के महत्व से उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराया।
इस अवसर पर अपर सांख्यिकीय अधिकारी कोमल साह ने प्रो. महालनोबिस के जीवन, व्यक्तित्व एवं सांख्यिकी के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।
भारत सरकार द्वारा इस वर्ष सांख्यिकी दिवस की थीम “Unlocking the Potential of Administrative Data” निर्धारित की गई है। इसी क्रम में प्रशासनिक डेटा की उपयोगिता पर विचार-विमर्श किया गया। बताया गया कि प्रशासनिक डेटा वह जानकारी है, जिसे विभिन्न सरकारी विभाग एवं एजेंसियां अपनी नियमित प्रशासनिक, सेवागत एवं नियामक प्रक्रियाओं के दौरान एकत्रित करती हैं। यह डेटा देश की वास्तविक परिस्थितियों को समझने, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों में सांख्यिकी की भूमिका, योजनाओं के मूल्यांकन में आंकड़ों के महत्व तथा अर्थ एवं संख्या विभाग द्वारा संचालित सर्वेक्षणों की उपयोगिता पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सांख्यिकी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए निर्देशित किया कि सभी सर्वेक्षणों में आंकड़ों की शुद्धता एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा तथ्यों का सावधानीपूर्वक संकलन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन किया जा सके।
कार्यक्रम में कार्यालय के सहायक सांख्यिकीय अधिकारी सचिन कुमार, प्रशासनिक अधिकारी खीमपाल सिंह चम्याल, वरिष्ठ सहायक कुलसुम परवीन सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
















