गरमपानी । पर्वतीय और आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील गरमपानी क्षेत्र में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश मुखर हो गया है। लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों और आपातकालीन सुविधाओं की कमी से जूझ रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गरमपानी को उप जिला अस्पताल का दर्जा देने की मांग को लेकर खैरना महिला सभागार में जनहित संघर्ष समिति की बैठक हुई। इस दौरान नैनीताल विधायक सरिता आर्य और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुमुद पंत के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया।

समिति ने अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती, एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सुविधा, पर्याप्त नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ, क्रिटिकल केयर यूनिट और अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराने की मांग की। बैठक में अस्पताल की कथित लापरवाही और बदहाली पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, जिस पर विधायक सरिता आर्य ने अधिकारियों को व्यवस्थाओं की त्वरित जांच के निर्देश दिए।
समिति के संयोजक हेम चंद्र तिवारी ने कहा कि यह क्षेत्र अतिवृष्टि, भूस्खलन और सड़क हादसों के लिहाज से संवेदनशील है। गंभीर मरीजों, घायलों और प्रसूताओं को हल्द्वानी या नैनीताल रेफर करना पड़ता है। आपदा के समय सड़कें बंद होने पर स्थिति और खतरनाक हो जाती है।

मांग को मुकाम तक पहुंचाने के लिए समिति ने 150 से अधिक ग्राम सभाओं को जोड़कर हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अस्पताल का उच्चीकरण होने से गरमपानी, खैरना, बेतालघाट, रामगढ़, ताड़ीखेत और हवालबाग के ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा।

















