( कुमाऊं आई जी ,रिद्धिम अग्रवाल का श्री कैंची धाम में निरीक्षण व पहल स्वागत योग , धरातल पर उतराना जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, व परिवहन विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण, वीक एंड में ही समस्या।, पेश है कुछ सुझाव)
नवनियुक्त कुमाऊं आई जी रिद्धिम अग्रवाल ने विगत सोमवारको श्री कैंची धाम मंदिर में यातायात व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने अधिकारियों को कैंची धाम क्षेत्र में यातायात व्यवस्थाओं पर सीसीटीवी और ड्रोन से नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन सीजन में सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर यातायात व्यवस्था को मजबूत किया जाए।उच्चाधिकारी ट्रैफिक व्यवस्था पर पल-पल नजर रखें। पुलिस ऐसी व्यवस्था बनाए कि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और मार्गों पर यातायात सुचारू रूप से संचालित हो।आईजी ने कैंची धाम प्रबंधन और अधिकारियों से वार्ता करके उनके सुझाव भी लिए।
पुलिस अधिकारियों ने आईजी को कैंची धाम में वाहनों के लिए बनी पार्किंग की भी जानकारी दी।आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल का यह दौरा और प्रयास सराहनीय कार्य है। जनपद नैनीताल में बढ़ता पर्यटन दबाब , श्री कैंची धाम के दर्शन साथ साथ मानस खंड श्रृंखला में अल्मोड़ा जनपद के चित ई मंदिर, जागेश्वर धाम मंदिर में भी पर्यटक व भक्तों का आवागमन एक चुनौती बन गया है।
इसके साथ हल्द्वानी अलमोडा़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्वारब डैंजरस प्वाइंट क्षेत्र में आये दिन का मार्ग बंद चुनौती है।इन सभी के चलते एक समस्या मैदानी प्रदेशों के पर्यटक जिन्हें पहाड़ पर वाहन चलाने का अनुभव नहीं है यातायात जाम, अव्यवस्थाओं से पार्किंग के साथ साथ दुर्घटना भी चुनौती है।
सड़कें वहीं भवाली क्षेत्र जो कुमाऊं को जोड़ने की लाईफ रोड है उस पर काफी वाहनों का लोड है।वीक एंड में चार चार घंटे का जाम भी चुनौतीपूर्ण है।इन सब से निजात पाने के लिए एक होमवर्क की आवश्यकता है, जिसमें, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व परिवहन विभाग का समन्वय स्थापित किया जाना आवश्यक है। कुछ जनहित में सुझाव निम्न हैं:-पीक सीजन में हल्द्वानी से जागेश्वर धाम, हल्द्वानी से नैनीताल जनपद के विभिन्न धार्मिक व पर्यटन स्थल पर सबसे पहले वाहन पार्किंग क्षमता का आंकलन कर प्रचारित प्रसारित करना आवश्यक है।
यातायात नियमों के पालन हेतु जगह जगह चौकी व फोर्स लगाना भी आवश्यक है।कुछ ऐसे प्वाइंट चिन्हित किये जाय जहां सीसीटीवी फुटेज के साथ आधुनिक इंटरनेट सुविधा के साथ कन्ट्रोल रूम स्थापित हो और वाहनों को एक तरफा गेट सिस्टम से आवागमन हो।श्री कैंची धाम मंदिर में भीड़ नियंत्रण हेतु टोकन सिस्टम व्यवस्था और बुकिंग चालू की जाय।
जो इंटरनेट नैट व अन्य सुविधाएं से युक्त हो।प्रशिक्षण व योग्य चालकों को ही प्राईवेट वाहन पर्वतीय क्षेत्रों में चलाने की अनुमति दी जाय ताकि दुर्घटना पर नियंत्रण हो सके।खानपान आवास सुविधा पर पैनी नजर व सेवाओं व उत्पादन बिक्री पर नियंत्रण हो जाम चलते आस पास के इलाकों के दुकानदारों व होटल व्यवसाय पर विपरीत प्रभाव न पड़े ध्यान रखा जाय।अनावश्यक रूट डायवर्ट न हो ताकि असुविधा न हो।


