गरमपानी: नए साल का पहला दिन, जहाँ पूरी दुनिया में खुशियाँ और व्यापारिक उम्मीदें लेकर आता है, वहीं नैनीताल जिले के गरमपानी, छड़ा और खैरना के व्यापारियों के लिए यह दिन गहरी निराशा और आर्थिक चोट लेकर आया। प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था के नाम पर किए गए ‘रोड डायवर्जन’ ने इन क्षेत्रों के व्यापार की कमर तोड़ दी है। आलम यह रहा कि साल के पहले ही दिन दुकानदारों को 100 रुपए तक के लिए तरसना पड़ा।
खाली दुकानें और सन्नाटे में पसरा बाज़ार
गरमपानी बाजार जो कभी पर्यटकों की आवाजाही से गुलज़ार रहते थे, आज पूरी तरह खाली पड़े हैं। ताजे फलों और सब्जियों से भरी टोकरियाँ और सजी हुई दुकानें ग्राहकों की राह तक रही हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सुबह से शाम ढलने तक 200 रुपये की भी बिक्री नहीं हो पाई है। दुकान के बाहर खड़े वाहन और सड़कों पर पसरा सन्नाटा व्यापारियों के दावों की पुष्टि करता है।
भविष्य पर संकट के बादल
गरमपानी से लेकर खैरना तक का यह पूरा बेल्ट मुख्य रूप से पर्यटकों और राहगीरों पर निर्भर है। व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने भविष्य में रोड डायवर्जन के दौरान स्थानीय बाजारों के अस्तित्व का ध्यान नहीं रखा, तो क्षेत्र का व्यापार पूरी तरह चौपट हो जाएगा
इस क्षेत्र के होटल स्वामियों और कारीगरों की स्थिति और भी गंभीर है। कई व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने लाखों रुपये का लोन लेकर अपने कारोबार को खड़ा किया है
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे ‘प्रशासन की नाकामी’ करार दिया है। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि:
- अनावश्यक डायवर्जन: बिना सोचे-समझे किए गए रोड डायवर्जन के कारण पर्यटक वाहन खैरना और गरमपानी तक पहुँच ही नहीं पा रहे हैं।
- सीजन के समय उपेक्षा: जब भी पर्यटन का मुख्य सीजन (जैसे नया साल या गर्मियाँ) आता है, पुलिस प्रशासन ट्रैफिक कंट्रोल के नाम पर रूट बदल देता है, जिससे मुख्य मार्ग के दुकानदारों का धंधा ठप हो जाता है।
- रोजी-रोटी का संकट: छोटे व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन को उनकी कोई परवाह नहीं है। लाखों का माल भरकर बैठे दुकानदारों के लिए बैंक की किश्त और घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
व्यापारियों ने मांग की है कि डायवर्जन इस तरह से किया जाए कि पर्यटकों को असुविधा भी न हो और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नुकसान न पहुंचे। फिलहाल, नए साल का पहला दिन इन व्यापारियों के लिए केवल आर्थिक नुकसान और निराशा लेकर आया है।
आज व्यापारियों से एक मुलाकात कर साक्षात्कार का विडियो बनाया गया, इस साक्षात्कार में नैनीताल जनपद के श्री कैंची धाम के गरमपानी क्षेत्र के व्यवसायी संजय पांडे, गगन त्रिपाठी, योगेश त्रिपाठी, त्रिभुवन पाठक, रमेश चन्द्र तिवारी , भुवन चंद्र पांडेय , दीपक कुमार मौजूद रहे।
बुजुर्गो का कहना था एक जमाना था पहाड़ से मैदान को आवागमन करने वाले यात्री गरमपानी में रूक कर चाय नाश्ता करते थे।एक तरफ तो व्यवसाय प्रभावित हो रहा है दूसरी तरफ इस तरह के आये दिन के डाइवर्जन से जनता को आर्थिक बोझ पड़ रहा है और समय भी ज्यादा लग रहा है।
यह पर्यटन के नाम पर विकास नहीं अपितु गांववासियों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
ऐसे में रिवर्स पलायन की जगह फोकस टू पलायन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

















