पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण चीन सीमा को जोड़ने वाले धारचूला-तवाघाट मुख्य मार्ग सहित जिले की करीब 20 मुख्य और ग्रामीण सड़कें मलबे से पट गई हैं. सड़कें बंद होने से विभिन्न रूटों पर सैकड़ों यात्री और वाहन फंसे हुए हैं, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मौसम के बिगड़ते मिजाज और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है.

थल में सबसे अधिक 199 मिमी बारिश दर्ज

गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश ने पूरे जिले को तर-बतर कर दिया है. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज की गई बारिश के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:

  • थल: 199 मिमी (सबसे अधिक आफत यहीं बरसी)
  • तेजम: 130 मिमी
  • बंगापानी: 110 मिमी
  • डीडीहाट: 84 मिमी
  • धारचूला: 54 मिमी
  • बेरीनाग: 50 मिमी
  • पिथौरागढ़: 11.6 मिमी (सबसे कम बारिश)

भूस्खलन से मकान क्षतिग्रस्त, मवेशी दबे

भारी बारिश के चलते थल क्षेत्र के नायल सपोली गांव में बड़ा भूस्खलन हुआ है. इसके मलबे की चपेट में आने से स्थानीय ग्रामीण नारायण राम के मकान की दीवार ढह गई. दीवार गिरने से गौशाला में बंधे कई मवेशी मलबे के नीचे दब गए. डरे-सहमे पीड़ित परिवार ने पूरी रात जागकर बिताई और टॉर्च की रोशनी में भारी पत्थरों को हटाकर घायल पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला. इसके अलावा थल-चौकोड़ी सड़क पर दर्जनों भारी-भरकम पेड़ गिरने से क्रैश बैरियर टूट गए हैं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया है.

प्रशासन का कदम:”बारिश के कारण बंद हुई सभी सड़कों को खोलने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। जल्द ही सभी प्रमुख मार्गों को सुचारू कर दिया जाएगा। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग की टीमें मौके पर भेजी गई हैं।”— भूपेंद्र सिंह महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़

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