नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने भवाली के चर्चित नरेश पांडे यौन शोषण मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मामले की पीड़िता की ओर से दाखिल समझौता याचिका और आरोपी नरेश पांडे की सुरक्षा मुहैया कराने संबंधी याचिका, दोनों को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है।

​अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच अधिकारी (IO) को पीड़िता की मूल एफआईआर (FIR) की गहराई से जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं।

मामले के अनुसार, भवाली के उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद मल्लीताल कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। हालांकि, बाद में मामले में उस वक्त नया मोड़ आया जब युवती ने मुकदमा वापस लेने की इच्छा जताई और तल्लीताल थाने में तीन अन्य युवकों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज करा दिया। युवती का आरोप था कि उन युवकों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे व्यापारी नेता के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करने के लिए मजबूर किया था। फिलहाल, हाईकोर्ट के इस रुख के बाद अब पुलिसिया जांच की दिशा तय होगी

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