( कैंची के दुकानदारों की बल्ले- बल्ले,आस पास के दुकानदारों की ब्रिकी धल्लेभर। प्रशासन सुधलेवा नहीं।एसडीएम को दो बार ज्ञापन दे ने के बाद भी प्रशासन मौन)

( श्री कैंची धाम तहसील, जनपद नैनीताल),

प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ अब स्थानीय व्यापारियों और आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नैनीताल जनपद श्री कैंची धाम तहसील क्षेत्र के गरमपानी और खैरना बाजार के व्यापारियों के लिए यह जाम अब एक बड़ा नासूर बन गया है। स्थिति इस कदर बदतर हो चुकी है कि स्थानीय व्यापारियों द्वारा दो बार उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को लिखित ज्ञापन सौंपकर गुहार लगाने के बाद भी धरातल पर कोई समाधान नहीं निकल सका है। प्रशासन के इस ढुलमुल रवैये से स्थानीय व्यापार पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गया है।

सुबह 5 बजे से थम रहे पहिए, दूध-अखबार और जरूरी सेवाएं ठप


क्षेत्र में अब सिर्फ सामान्य दिनों में ही नहीं, बल्कि हफ्ते के सातों दिन जाम की स्थिति बनी हुई है। विशेषकर शनिवार और रविवार को हालात पूरी तरह बेकाबू हो रहे हैं। वीकेंड पर सुबह 5:00 बजे से ही हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग जा रही हैं। इस भीषण जाम के कारण क्षेत्र की आवश्यक सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। सुबह के वक्त आने वाली दूध की गाड़ियां, दैनिक समाचार पत्र और अन्य आवश्यक सामग्रियां घंटों जाम में फंसी रह रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों और होटल व्यवसायियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि सुबह की चाय और जरूरी सामान के लिए भी लोग तरस रहे हैं।

​”कैंची धाम से नीचे प्रशासन ने मूंदी आंखें, सुध लेने वाला कोई नहीं


स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन का पूरा ध्यान केवल कैंची धाम और उसके आस-पास के चुनिंदा क्षेत्रों पर केंद्रित है। व्यापारियों ने तीखे शब्दों में कहा, “प्रशासन ने कैंची धाम से नीचे गर्मपानी और खैरना क्षेत्र की तरफ पूरी तरह से अपनी आंखें बंद कर रखी हैं। इस क्षेत्र में व्यापारियों और स्थानीय जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है।” हर बार वीकेंड पर व्यापारी इस आस में रहते हैं कि प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाएगा, लेकिन हर बार उन्हें केवल निराशा ही हाथ लगती है। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासनिक उदासीनता को साफ बयां करता है।

​रात को सड़क पर पार्क होने वाले बाहरी वाहन बने मुसीबत की मुख्य वजह


व्यापारियों के अनुसार, इस विकराल जाम की मुख्य वजह रात के समय सड़क किनारे अवैध रूप से पार्क होने वाली बाहरी राज्यों की गाड़ियां हैं। रात के वक्त आने वाले पर्यटक और वाहन चालक अपनी गाड़ियों को बेतरतीब ढंग से राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही पार्क कर दे रहे हैं, जिससे सुबह होते ही यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है।

व्यापारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन इन अवैध रूप से पार्क वाहनों पर सिर्फ मामूली चालानी कार्रवाई करके अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेता है। इस नाममात्र के जुर्माने से बाहरी वाहन चालकों पर कोई फर्क नहीं पड़ता और वे अगली बार फिर वही गलती दोहराते हैं।

​होटलों में पार्किंग फिर भी सड़कों पर क्यों लग रही गाड़ियां?


स्थानीय व्यापारियों ने एक बेहद वाजिब और गंभीर मुद्दा उठाते हुए पूछा है कि यदि क्षेत्र के लगभग हर होटल और लॉज के पास अपनी निजी पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है, तो फिर रात के समय इन पर्यटकों की गाड़ियां सड़कों पर क्यों खड़ी होने दी जा रही हैं? प्रशासन होटलों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को अपनी पार्किंग का पूर्ण उपयोग करने के लिए बाध्य क्यों नहीं कर रहा है? सड़क पर लगने वाले इन वाहनों के खिलाफ कोई सख्त जब्ती या क्रेन से हटाने जैसी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?
​व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गर्मपानी-खैरना क्षेत्र को इस ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई स्थाई और ठोस ट्रैफिक प्लान लागू नहीं किया गया, तो स्थानीय व्यापार पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा और व्यापारी उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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