( जिंदा मरीज की फाइल पर मृत लिख दिया, अस्पताल के मैनेजर ने सफाई में दिया बयान , गलती से हो गया)
देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के प्रवेश द्वार का चंदन अस्पताल फिर सुर्खियों में आ गया है। विगत सोमवार को एक जिंदा मरीज के इलाज के फाइल कवर पर मृत लिखा जाना अस्पताल प्रबंधन को भारी पड़ गया। दिन भर अस्पताल परिसर में गर्मा-गर्मी का माहौल रहा, मामला यहां तक पहुंच गया कि पुलिस बल को हस्तक्षेप करना पड़ा।
देर शाम चंदन अस्पताल के प्रबंधक डाक्टर परवेज अहमद ने एक बयान जारी कर कहा मरीज की हालत काफी गंभीर थी, उसे वैनटिलेटर पर रखा गया मरीज के तीमारदार उसे घर ले जाना चाहते थे, बिल पेमेंट के लिए फाइल भेजने पर फाइल कवर में गलती से मृतक लिख दिया गया जिसे परिजनों ने छीन कर वायरल कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने अपनी ग़लती स्वीकार कर ली है जिससे गलती हुई उसे निकाल दिया है। कुछ माह पूर्व भी एक अल्मोड़ा का प्रकरण सुर्खियों में रहा चंद घंटों के इलाज का अस्सी हजार रूपए का बिल मृतक मरीज के परिजनों को सौंप दिया भुगतान न होने पर शव नहीं दिया गया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल मंजुनाथ टी सी के हस्तक्षेप से बमुश्किल शव दिया गया , यह मामला भी उठाया गया प्रबंधन की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब जनता को नहीं दिया।
चंदन अस्पताल के सुर्खियों में रहना और कोई कार्यवाही न होना एक सवाल जरूर छोड़ देता है कि इस अस्पताल को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप में कोई बहुत बड़ा संरक्षण प्राप्त है। हकीकत तो परमात्मा ही जाने।

















