जिलाधिकारी विनीत तोमर ने बताया कि जनपद में विगत एक सप्ताह से विभिन्न क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनायें घटित होने की सूचनाएँ प्राप्त हो रही है, जिसके कारण वन सम्पदा, सार्वजनिक, सरकारी सम्पत्तियों जैसे (धार्मिक स्थल, होटल, गैस गोदाम, लीसा गोदाम, पेट्रोल पम्प, और सड़क के किनारे की झोपड़ियों, दुकानों एवं अन्य संवदेनशील परिसम्पत्तियों को नुकसान होने के साथ ही साथ वन्य जीवों एवं पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा स्वास्थ्य सम्बन्धी गम्भीर समस्याएँ उत्पन्न होने की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

अतः वनाग्नि घटनाओं के मध्येनजर समस्त धार्मिक स्थल, होटल, गैस गोदाम, लीसा गोदाम, पेट्रोल पम्प, और सड़क के किनारे की झोपड़ियों, दुकानों आदि के स्वामियों आदि से अपील की जाती है कि अपने-अपने प्रतिष्ठानों के समीप से 10-15 मीटर की परिधि में चारों ओर से अनावश्यक रूप से एकत्रित पिरूल खरपतवार एवं अन्य ज्वलनशील सामग्री / प्रदार्थों आदि की सफाई कराते हुए किसी भी दशा में वन क्षेत्रों के समीप आग जलाने की कार्यवाही न करें। ताकि वनाग्नि से होने वाली दुर्घटना को रोका जा सकें एवं वन विभाग को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।

जनपद में किसी भी क्षेत्र में आग की घटना संज्ञान में आने पर निम्नांकित फोन नम्बरों पर सूचना दी जा सकती हैं:-आपदा कन्ट्रोल रूम 05962-237875, 237874 मो0नं0 7900433294वनाग्नि कन्ट्रोल रूम -9456596650, 9756416898जिला नियन्त्रण कक्ष – 112

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