गरमपानी: विश्व प्रसिद्ध नीम करोली बाबा की तपोस्थली कैंची धाम के पास लग रहा भीषण जाम अब आम जनता और व्यापारियों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। हल्द्वानी से अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ की ओर जाने वाले यात्रियों को इस जाम के कारण भारी मानसिक और आर्थिक शोषण झेलना पड़ रहा है।

​जाम की स्थिति इतनी विकट है कि टैक्सी चालकों को मजबूरी में रामगढ़ के लंबे रूट से भेजा जा रहा है। इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है, क्योंकि लंबे रास्ते के कारण टैक्सी चालक अधिक किराया वसूल रहे हैं। यात्रियों का स्पष्ट कहना है कि जाम की समस्या को सुलझाने में प्रशासन पूरी तरह विफल रहा है और सरकार द्वारा किए गए यातायात सुधार के दावे महज कागजी नजर आ रहे हैं।

जाम का सबसे घातक असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। गरमपानी से लेकर छाड़ तक के व्यापारी हाथ पर हाथ धरे बैठने को मजबूर हैं। घंटों लगे जाम के कारण गाड़ियाँ बाजारों में रुक नहीं पा रही हैं, जिससे स्थानीय दुकानों और ढाबों का व्यापार ठप हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्ययोजना न होने से उनका घर चलाना मुश्किल हो रहा है।

​स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने एक सुर में इसे सरकारी तंत्र की असफलता करार दिया है। लोगों की मांग है कि यदि समय रहते बाईपास या सुचारू ट्रैफिक प्लान पर काम नहीं किया गया, तो आने वाले पर्यटन सीजन में स्थितियां और भी भयावह हो सकती हैं।

मुख्य बिंदु:

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