गरमपानी । बेतालघाट ब्लॉक के रातीघाट में शराब की दुकान के विरोध में शुरू हुआ महिलाओं का आंदोलन तीसरे दिन और अधिक उग्र हो गया है। क्षेत्र की सैकड़ों महिलाएं और विभिन्न महिला समूहों ने सड़क पर उतरकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि जब तक दुकान पूरी तरह बंद नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगी।

आंदोलन के दौरान ललिता जोशी समेत कई महिलाएं भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक दुकान की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को बचाने की है। महिलाओं का तर्क है कि प्रसिद्ध कैंची धाम से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर शराब की दुकान खोलना धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। साथ ही, पास में स्थित विद्यालयों के कारण छोटे बच्चों के मानसिक विकास पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। महिलाओं ने मांग की कि सरकार शराब के बजाय शिक्षा पर ध्यान दे और स्कूलों में रिक्त शिक्षकों के पदों को भरे।

आंदोलन को उस समय बड़ी मजबूती मिली जब ब्लॉक प्रमुख अंकित साह के नेतृत्व में क्षेत्र के 2 दर्जन से अधिक ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य धरने के समर्थन में उतर आए। जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासन की ओर से किसी ठोस आश्वासन के न मिलने पर महिलाओं ने अब हाईवे जाम करने और आगामी विधानसभा चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी दी है। इस प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य यशपाल आर्य, ग्राम प्रधान चंद्र प्रकाश, त्रिभुवन पाठक, मुकेश गरजोला, दीपक भंडारी, हरीश चंद्र समेत सैकड़ों ग्रामीण और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह विरोध पूरे क्षेत्र में फैल सकता है।

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