प्रसिद्ध बाबा नीब करौरी महाराज के पावन धाम ‘कैंची धाम’ के आगामी 15 जून को होने वाले वार्षिक स्थापना दिवस (मेला समारोह) की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। सोमवार को श्री कैंची धाम मंदिर परिसर स्थित सभागार में मंदिर समिति और जिला प्रशासन की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी (ADM) विवेक रॉय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और कई बड़े फैसले लिए गए।

​ इस बार केवल 15 जून को ही मिलेगा मालपुए का प्रसाद

​बैठक में मंदिर समिति और प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। पिछले वर्ष फैली भ्रांतियों और असमंजस के कारण लोग तीन दिनों तक प्रसाद मिलने की उम्मीद करते रहे। इसे देखते हुए इस वर्ष स्पष्ट किया गया है कि श्रद्धालुओं को मालपुए का प्रसिद्ध प्रसाद केवल 15 जून (स्थापना दिवस) के दिन ही वितरित किया जाएगा। प्रसाद वितरण 15 जून की सुबह 6 बजे बाबा को भोग लगाने के बाद शुरू हो जाएगा।

“बाबा ने सेवा का अवसर दिया है, हिलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी”

बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम विवेक रॉय ने कड़े शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस महामेले में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। दी गई जिम्मेदारियों को पूर्ण निष्ठा के साथ समय रहते पूरा किया जाए।

रूट प्लान और शटल सेवा: निजी वाहनों की एंट्री रहेगी बंद

​मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. जगदीश चंद्रा ने विशेष यातायात योजना (रूट प्लान) की जानकारी दी:

  • प्रतिबंध: मेले के दिन (15 जून को) इमरजेंसी वाहनों को छोड़कर शेष सभी निजी व व्यावसायिक वाहनों का भवाली-कैंचीधाम मार्ग पर संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
  • शटल सेवा: हल्द्वानी, नैनीताल और भीमताल से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष शटल सेवाएं संचालित की जाएंगी। निर्धारित पार्किंग स्थलों से मंदिर तक नियमित शटल बसें चलेंगी।
  • नो पार्किंग व भंडारा: मुख्य मार्ग पर कहीं भी वाहन पार्क करने या निजी तौर पर भंडारा आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।

​ बुनियादी सुविधाएं और सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर

​देश-विदेश से आने वाले लाखों दर्शनार्थियों के लिए प्रशासन ने विभागवार जिम्मेदारियां तय की हैं:

  • साफ-सफाई और प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र: नगर पालिका भवाली और जिला पंचायत मिलकर पूरे मेला क्षेत्र को साफ रखेंगे। दिन में कम से कम तीन बार कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां चलेंगी। पूरे क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
  • पेयजल और बिजली: जल संस्थान द्वारा जगह-जगह शुद्ध पेयजल के टैंकर लगाए जाएंगे और शौचालयों में 24 घंटे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। विद्युत विभाग को बिना कटौती के बिजली सप्लाई और बैकअप टीम तैनात रखने को कहा गया है।
  • स्वास्थ्य सेवाएं: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के अनुसार, मेले के दौरान तीन दिनों तक मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी और आपात स्थिति के लिए दो एंबुलेंस मौके पर मौजूद रहेंगी।
  • सुरक्षा और बैरिकेडिंग: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कतारों में मजबूत बैरिकेडिंग, जूता स्टैंड, सीसीटीवी कैमरे, सहायता काउंटर और अग्निशमन (Fire Brigade) की टीमें तैनात रहेंगी। वन विभाग की टीम शिप्रा नदी और पैदल मार्गों की सुरक्षा के लिए लगातार पेट्रोलिंग करेगी।

​ बैठक में ये रहे मौजूद

​इस उच्च स्तरीय बैठक में मंदिर ट्रस्टी मंजुल कुमार जोशी, ओ.पी. बिंद्रा, प्रबंधक प्रदीप साह ‘भय्यू’, एसडीएम धारी अनुराग आर्य, एसडीएम नैनीताल नवाजिश खालिक, एसपी संचार रेवाधर मठपाल, सीओ रविकांत सेमवाल, तहसीलदार भुवन भंडारी, ब्लॉक प्रमुख अंकित साह, अधिशासी अधिकारी सुधीर कुमार, दीपांशु मीणा, रवि पांडे, व्यापार मंडल अध्यक्ष धीरज तिवारी, पंकज निगलटिया, रुचिर साह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

ADVERTISEMENTS Ad