हल्द्वानी (नैनीताल): शहर की सड़कों पर दौड़ती भागती जिंदगी के बीच कभी-कभी ऐसी खबरें सामने आती हैं, जो इंसानियत और खाकी पर आम जनता के भरोसे को और मजबूत कर देती हैं। ताजा मामला हल्द्वानी का है, जहाँ नैनीताल पुलिस के एक जवान की ईमानदारी ने एक गरीब मेहनतकश युवक की आंखों की नमी को मुस्कान में बदल दिया।

रोजी-रोटी का इकलौता सहारा था मोबाइल

​सैफी खालिद, जो हल्द्वानी में ब्लिंकिट (Blinkit) में डिलीवरी बॉय के रूप में कार्यरत हैं, उनके लिए उनका मोबाइल फोन महज एक गैजेट नहीं बल्कि उनकी आजीविका का जरिया था। खालिद ने पाई-पाई जोड़कर मात्र तीन महीने पहले यह फोन खरीदा था। बीते दिन रामपुर रोड पर ऑर्डर डिलीवरी के दौरान उनका फोन कहीं गिर गया। फोन खोने का एहसास होते ही खालिद के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि बिना फोन के न तो उन्हें नए ऑर्डर मिल सकते थे और न ही वे अपनी ड्यूटी कर सकते थे।

उम्मीद की घंटी और ‘मददगार’ आवाज

​काफी खोजबीन के बाद जब खालिद ने हताश होकर अपने नंबर पर कॉल किया, तो उन्हें उम्मीद नहीं थी कि फोन कोई उठाएगा। लेकिन दूसरी तरफ से एक गूंजती हुई आवाज आई— “हेलो, मैं अपर उप निरीक्षक (ASI) यातायात प्रकाश चंद्र नगरकोटी बोल रहा हूं। आप घबराएं नहीं, आपका फोन सुरक्षित मेरे पास है।” ड्यूटी पर तैनात ASI प्रकाश चंद्र नगरकोटी को यह फोन आईटीआई (ITI) तिराहे पर गश्त के दौरान मिला था। उन्होंने तुरंत खालिद को अपनी लोकेशन बताई और फोन ले जाने को कहा।

पुलिस की ईमानदारी को सलाम

​खालिद ने आईटीआई तिराहे पहुंचकर अपना फोन प्राप्त किया। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने भावुक होते हुए नैनीताल पुलिस और विशेष रूप से प्रकाश चंद्र नगरकोटी का हृदय से आभार व्यक्त किया।

​सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस घटना की जमकर प्रशंसा हो रही है। इस सराहनीय कार्य ने यह सिद्ध कर दिया है कि वर्दी के भीतर एक संवेदनशील दिल भी धड़कता है, जो सदैव आम जनमानस की सेवा और सुरक्षा के लिए तत्पर है।

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