( प्रबुद्ध वर्ग, राजनैतिक दलों व साहित्यकारों व समाजसेवी समुदाय ने इसे शर्मनाक घटना बताया वहीं बजरंग दल नेता राजीव गुरुरानी ने गैर विवादित बताया।)

बजरंग दल नेता राजीव गुरुरानी


अल्मोड़ा मुख्यालय में हिन्दू सम्मेलन में लाल बाबा “मोहन भट्ट के विवादास्पद भाषण की मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आई है।प्रबुद्ध वर्ग, राजनैतिक दलों व साहित्यकारों व समाजसेवी समुदाय ने इसे शर्मनाक घटना बताया वहीं बजरंग दल नेता राजीव गुरुरानी ने गैर विवादित बताया।

उलोवा अध्यक्ष एडवोकेट जगत रौतेला


उत्तराखंड लोक वाहिनी के अध्यक्ष एडवोकेट जगत रौतेला ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा
अल्मोड़ा में हिंदू सम्मेलन के नाम से आयोजित कार्यक्रम में कथित लाल बाबा की ओर से भड़काऊ व अश्लील वक्तव्यों पर उत्तराखंड लोक वाहिनी ने इसकी कड़ी निंदा करी।
वाहिनी के जगत रौतेला ने कहा कि यह अल्मोड़ा की सांस्कृतिक विरासत में एक भद्दा दाग है, आपसी सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश है जिसकी किसी भी स्तर में आलोचना कम है । भड़काऊ एवं अश्लील वक्तव्यों की कड़ी निंदा करते हुए इसे उत्तराखंड की अस्मिता और सामाजिक समरसता पर सुनियोजित हमला बताया है।


कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री की उपस्थिति में ऐसे बयान लोकतंत्र के लिए खतरा हैं जिसके लिए प्रशासन ने उचित कठोर कार्यवाही करनी चाहिए जिससे कि भविष्य में दुबारा ऐसे शर्मनाक घटना उत्पन्न ना हो ।

जहां एक तरफ महंगाई ,बरोजगारी,भ्रष्टाचार,आपराधिक घटनाएं उत्तराखंड में बढ़ती जा रही दूसरी तरफ सरकार समर्पित ऐसी कथित आयोजनों में भद्दी टिप्पणी उत्तराखंड के सौहार्दपूर्ण वातावरण को भंग करनी की कोशिश है। यह अत्यंत चिंताजनक है कि सत्ता के संरक्षण में इस तरह की भाषा और मानसिकता को सार्वजनिक मंचों से बढ़ावा दिया जा रहा है।
वहीं बजरंग दल के पूर्व विभाग संयोजक हिंदूवादी नेता राजीव गुरुरानी ने विगत दिवस हिंदू सम्मेलन में संत लालबाबा द्वारा दिए गए भाषण को गैर विवादित बताते हुए कहा कि बाबा ने किसी समुदाय विशेष का नाम नहीं लिया,उन्होंने केवल जिहादियों को अल्मोड़ा व उत्तराखंड छोड़ने की धमकी दी तथा पुलिस प्रशासन से इसका संज्ञान लेने का आहवान किया परंतु पुलिस प्रशासन ने उल्टा उनका ही संज्ञान लेकर बिना विवेचना के उन पर ही मुकदमा ठोक दिया,जिससे हिंदू समाज आक्रोशित है।गुरुरानी ने कहा कि बाबा विगत दिवस कुमाऊं और गढ़वाल के विभिन्न कस्बों में हुई शर्मनाक घटनाओं से आक्रोशित व आहत थे।इसीलिए वे उत्तराखंड में चल रहे लव जिहाद व थूक जिहाद से हिंदू समाज को जिहादियों सतर्क रहने तथा जागरूक रहने के लिए संबोधित कर रहे थे,उनका उद्देश्य केवल हिंदू युवक युवतियों को जिहादियों के खतरनाक मंसूबों से आगाह करना था।उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि संत लालबाबा के मामले में बिना किसी जांच कोई एकतरफा कार्यवाही या गिरफ्तारी न की जाय।यदि एकतरफा कार्यवाही की गई तो संपूर्ण हिंदू समाज सड़क पर उतरकर आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
इसके अलावा अल्मोड़ा के समाजसेवी संगठनों , साहित्यकार , व अनेक वर्ग के लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है यह घटनाक्रम अल्मोड़ा के लिए शर्मनाक है ।
इस प्रकरण से दुखी होकर भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता एडवोकेट ने क्षुब्ध होकर भाजपा से त्यागपत्र देने की घोषणा की।

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