हल्द्वानी : उत्तराखंड के पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए नए साल का तोहफा धरातल पर उतरने लगा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा नव वर्ष के अवसर पर हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई 100 नई रोडवेज बसों के बेड़े में से हल्द्वानी, भवाली और रानीखेत डिपो के हिस्से की बसें शुक्रवार को हल्द्वानी पहुंच गई हैं। इन बसों के आने से कुमाऊं के दुर्गम क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था न केवल मजबूत होगी, बल्कि यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव भी मिलेगा।

आधुनिक तकनीक और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

​हल्द्वानी रोडवेज डिपो पहुंची ये नई बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक बस में जीपीएस (GPS) और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही, पारदर्शी और त्वरित बिलिंग के लिए ई-टिकटिंग सिस्टम और वाहनों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए फ्लीट मॉनिटरिंग जैसी तकनीक का समावेश किया गया है। इन बसों का रखरखाव भी समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।

पहाड़ी रास्तों के लिए खास डिजाइन

​पहाड़ों की घुमावदार और संकरी सड़कों को ध्यान में रखते हुए ये सभी बसें 37 सीटर हैं और इन्हें 174 व्हील बेस पर डिजाइन किया गया है। यह विशिष्ट डिजाइन पहाड़ी मोड़ों पर बस को बेहतर संतुलन और नियंत्रण प्रदान करता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होता है और सफर सुरक्षित बनता है।

हल्द्वानी-गंगोलीहाट मार्ग पर होगा संचालन

​काठगोदाम रोडवेज डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक संजय पांडे ने बताया कि वर्तमान में इन बसों का पंजीकरण देहरादून में है। अब हल्द्वानी आरटीओ के माध्यम से स्थानीय पंजीकरण और रूट परमिट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कागजी औपचारिकताएं संपन्न होते ही इनका नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इन नई बसों का मुख्य संचालन हल्द्वानी-गंगोलीहाट मार्ग पर प्रस्तावित है, जिससे सीमांत क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

​हालांकि, काठगोदाम डिपो को इस खेप में फिलहाल कोई नई बस आवंटित नहीं हुई है, लेकिन संभाग को मिली इन बसों से क्षेत्र की परिवहन सेवाओं में सुधार तय माना जा रहा है। नई बसों के आने से न केवल यात्रियों को पुरानी बसों की खटपट से मुक्ति मिलेगी, बल्कि निगम के राजस्व में भी सुधार की उम्मीद है।

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