नैनीताल। जनपद में पर्यटन गतिविधियों में पारदर्शिता और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देशों पर परगना अधिकारियों और पर्यटन विभाग की संयुक्त टीम ने जिलेभर में संचालित होमस्टे इकाइयों का व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें नियमों की जमकर धज्जियां उड़ती मिलीं।

​जांच में सामने आया कि कई होमस्टे में स्वामी स्वयं रहने के बजाय उन्हें लीज पर देकर विशुद्ध व्यावसायिक रूप से होटल और रेस्टोरेंट की तरह चला रहे थे। इसके अलावा, रिसेप्शन स्टाफ की नियुक्ति और पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण सड़क किनारे बेतरतीब वाहन खड़े होना जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

क्षेत्रवार हुई कार्रवाई के आंकड़े:

  • नैनीताल तहसील: सर्वाधिक 94 इकाइयां
  • रामनगर: 20 इकाइयां
  • धारी: 19 इकाइयां
  • कैंची धाम क्षेत्र: 07 इकाइयां
  • कालाढूंगी और हल्द्वानी: 05-05 इकाइयां

​इन नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से 150 होमस्टे इकाइयों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, 55 इकाइयों पर प्रति इकाई ₹10,000 का अर्थदंड (कुल ₹5,50,000) लगाया गया है।

​जिला प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि वर्तमान में नोटिस अवधि पर चल रही अन्य इकाइयों पर भी जल्द कार्रवाई होगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि होमस्टे की मूल अवधारणा और नियमावली का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।

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