प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक अल्मोड़ा में पूर्व सैनिकों, चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों के लिए “राजयोग मेडिटेशन एवं मानसिक तनाव से मुक्ति” विषय पर एक प्रेरणादायी आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान समय में बढ़ते मानसिक तनाव के बीच आध्यात्मिक चेतना एवं नैतिक मूल्यों के माध्यम से सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करना रहा।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में हल्द्वानी सेवा केंद्र सहित कुमाऊँ क्षेत्र की प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में परिवार, समाज और स्वयं के जीवन में नैतिक परिवर्तन लाने हेतु आध्यात्म का सहारा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाता है, तभी परिवार एवं समाज के उत्थान का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने सभी उपस्थित जनों को जीवन में आध्यात्मिकता, नैतिकता एवं आत्मचिंतन को अपनाने का संदेश देते हुए शुभकामनाएँ प्रदान कीं।
कार्यक्रम में राजस्थान के माउंट आबू से पधारे ब्रह्मा कुमार अशोक ने राजयोग ज्ञान पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया। उनके द्वारा कराए गए राजयोग अभ्यास से उपस्थित जनों ने विशेष आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान पौलीक्लिनिक के प्रभारी अधिकारी कर्नल मनीष खन्ना ने ब्रह्माकुमारीज के सभी सदस्यों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अत्यंत सरल एवं सहज शब्दों में आध्यात्मिक चर्चा के साथ नैतिक निर्माण की जो प्रेरणा दी गई, वह सभी के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणास्पद है।
इस अवसर पर डॉ. हेमंत पांडे, डॉ. जे. सी. दुर्गापाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वंदना पांडे, श्रीमती सावित्री सांगा, ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक अल्मोड़ा के डॉ. हिमांशु उप्रेती, डॉ. सचिन कुमार मलिक सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं पॉलीक्लिनिक के चिकित्सा कार्मिक उपस्थित रहे। उपस्थित सभी जनों ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे मानसिक एवं आध्यात्मिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।
कार्यक्रम के समापन पर नीलम दीदी द्वारा ईश्वरीय विश्वविद्यालय का आध्यात्मिक साहित्य भी भेंट किया गया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन हेमेंद्र जोशी द्वारा किया गया।

















