नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में जहाँ एक ओर ‘विंटर कार्निवल’ की रौनक है और मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद होने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं गुरुवार सुबह एक पुलिसकर्मी की कार ने मानवता को शर्मसार कर दिया। तड़के सुबह काम पर जा रहे तीन दिहाड़ी मजदूरों को एक तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि तीनों मजदूर लहूलुहान होकर सड़क पर जा गिरे, जबकि आरोपी चालक रुकने के बजाय मौके से कार समेत फरार हो गया।
फांसी गधेरे के पास हुआ हादसा
यह दर्दनाक घटना नैनीताल पुलिस लाइन के समीप फांसी गधेरे क्षेत्र में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह के समय जब सड़कों पर आवाजाही शुरू ही हुई थी, तभी पुलिस लाइन की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने पैदल चल रहे तीन मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। कार की रफ्तार इतनी अधिक थी कि टक्कर लगते ही मजदूर कई फीट दूर जा गिरे। स्थानीय लोगों और पुलिस लाइन के अन्य कर्मियों ने आनन-फानन में घायलों को संभाला और उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुँचाया।
घायलों की हालत नाजुक
घायलों की पहचान तल्लीताल के हरी नगर निवासी पप्पू कुमार (50 वर्ष), मोहन राम आर्य और बिहारी लाल आर्य के रूप में हुई है। ये तीनों दिहाड़ी मजदूर हैं और सुबह फांसी गधेरे के पास आर्मी गेस्ट हाउस की ओर काम के सिलसिले में जा रहे थे। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, तीनों की हालत काफी गंभीर बनी हुई है और उन्हें गहन चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। परिवार का पालन-पोषण करने वाले इन मजदूरों के साथ हुए इस हादसे से उनके घरों में कोहराम मचा हुआ है।
पुलिस विभाग पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि प्राथमिक जांच में टक्कर मारने वाली कार किसी पुलिसकर्मी की बताई जा रही है। सीओ रविकांत सेमवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर यह अंदेशा है कि कार पुलिस लाइन से निकली थी और संभवतः उसे कोई पुलिसकर्मी ही चला रहा था।
वर्तमान में नैनीताल में विंटर कार्निवल चल रहा है और मुख्यमंत्री का दौरा भी प्रस्तावित है, जिसके कारण पूरे जिले में भारी पुलिस बल तैनात है। ऐसे में एक जिम्मेदार महकमे के सदस्य द्वारा इस तरह की लापरवाही और फिर मौके से फरार हो जाना पुलिस की कार्यप्रणाली और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
जांच और कार्रवाई का आश्वासन
पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि वाहन के नंबर और चालक की पहचान पुख्ता की जा सके। सीओ सेमवाल ने भरोसा दिलाया है कि साक्ष्यों के आधार पर दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह विभाग का कर्मचारी ही क्यों न हो।

















