हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर नयना गांव के पास स्थित एक बेहद प्रसिद्ध मटन-चावल की दुकान इन दिनों राज्य कर विभाग (स्टेट टैक्स डिपार्टमेंट) की जांच के दायरे में आ गई है। अपनी लाजवाब रंगत और स्वाद के लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो चुकी इस दुकान का सालाना कारोबार जब विभाग की जांच में सामने आया, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। शुरुआती जांच के अनुसार, इस दुकान का वार्षिक टर्नओवर 50 लाख रुपये से कहीं अधिक पाया गया है, लेकिन इसके बावजूद संचालक ने अब तक जीएसटी (GST) पंजीकरण नहीं कराया था।

​राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में सोशल मीडिया पर इस दुकान का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें दुकान पर होने वाली भारी भीड़ और मटन-चावल की बंपर बिक्री का दावा किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। असिस्टेंट कमिश्नर प्रकाश त्रिवेदी के नेतृत्व में गठित एक विशेष विभागीय टीम ने नयना गांव स्थित दुकान पर अचानक पहुंचकर औचक जांच शुरू की।

​प्रारंभिक मूल्यांकन में दुकान की प्रतिदिन की बिक्री और रिकॉर्ड को खंगालने पर यह साफ हो गया कि इसका सालाना टर्नओवर जीएसटी पंजीकरण की अनिवार्य सीमा (उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों के लिए सेवा/रेस्टोरेंट क्षेत्र में 20 लाख रुपये) से काफी ऊपर जा चुका है।

​विभाग ने इसे टैक्स चोरी का मामला मानते हुए दुकान संचालक को कड़ी चेतावनी दी है और आगामी 12 जून तक अनिवार्य रूप से जीएसटी पंजीकरण कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो जीएसटी कानून की सुसंगत धाराओं के तहत दुकान को सील करने और भारी जुर्माना लगाने जैसी आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही राज्य कर विभाग ने क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े व्यापारियों से अपील की है कि वे नियमों के तहत अपना टर्नओवर होने पर समय से टैक्स औपचारिकताओं और पंजीकरण को पूरा करें ताकि किसी भी बड़ी कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

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