गरमपानी।गरमपानी और आसपास के बाजार क्षेत्रों में आवारा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़कों पर खुलेआम घूमते आवारा मवेशी न केवल राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं, बल्कि आए दिन होने वाले हादसों से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। कुछ ही दिन पहले एक उग्र सांड ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे गंभीर रूप से लहूलुहान कर दिया था। इस दर्दनाक घटना के बाद भी जिम्मेदार प्रशासन और संबंधित विभाग नींद से जागने को तैयार नहीं हैं।

ताजा मामला कल सुबह करीब 8.00 बजे का है, जब बाजार के बीचों-बीच दो भारी-भरकम सांड आपस में बुरी तरह भिड़ गए। काफी देर तक चले इस घमासान के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सांडों की आक्रामकता को देख सड़क से गुजर रहे वाहन चालक और पैदल यात्री भयभीत हो गए। लोगों को डर था कि अनियंत्रित सांड उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ किसी को चोटिल न कर दें। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने काफी मशक्कत की, उन पर ठंडा पानी डाला और डंडे दिखाकर बमुश्किल दोनों को अलग किया, तब जाकर यातायात बहाल हो सका।

आवारा पशुओं की वजह से स्थानीय व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन सुबह दुकान खोलने से पहले दुकानदारों को अपनी दुकानों के आगे जमा गोबर और गंदगी खुद साफ करनी पड़ती है। इतना ही नहीं, सड़क किनारे खड़ी व्यापारियों व ग्राहकों की दोपहिया गाड़ियों को भी ये पशु अपनी लड़ाई के दौरान क्षतिग्रस्त कर चुके हैं।

स्थानीय निवासियों और व्यापार मंडल का कहना है कि आवारा पशुओं का मुख्य सड़कों और बाजारों में जमावड़ा अब रोजाना की बात बन चुका है। बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है। लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी जनहानि या भयानक हादसे का इंतजार कर रहा है? क्षेत्रवासियों ने जल्द से जल्द आवारा पशुओं को पकड़कर गोशाला पहुँचाने और बाजार क्षेत्र को सुरक्षित करने की मांग की है।

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