( साहित्यकारों की जानी-मानी संस्था छंजर सभा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में जाने-माने साहित्यकार आयोजन के साक्षी बने, काव्य गोष्ठी ने आयोजन में चार चांद लगाये)

उत्तराखंड के जाने-माने कुमाऊनी साहित्यकार डाक्टर दलीप सिंह बोरा की काव्य संग्रह पुस्तक “हिमाव” का लोकार्पण भव्यता के साथ हुआ।साहित्यकारों की जानी-मानी संस्था छंजर सभा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में जाने-माने साहित्यकार आयोजन के साक्षी बने, काव्य गोष्ठी ने आयोजन में चार चांद लगाये।


छन्जर सभा अल्मोड़ा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम / काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद् नीलम नेगी द्वारा की गई मुख्य अतिथि स्वरूप वरिष्ठ साहित्यकार वीणा चतुर्वेदी रहीं। कार्यक्रम का संचालन सेवा निवृत्त प्रधानाचार्य नीरज पंत ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ/ सुप्रसिद्ध साहित्यकार /रगकर्मी त्रिभुवन गिरी महाराज जी ,डॉ.महेंद्र माहरा’ मधु’,डॉ.के.सी.जोशी डॉ.धारा बल्लभ पांडे, रंगकर्मी व वरिष्ठ पत्रकार नवीन बिष्ट बाल साहित्यकार उदयकिरौला,कंचन कुमार तिवारी,विपुल जोशी, छंजर सभा के डॉ.रमेश लोहुमी, ( कार्यक्रम संयोजक)आदित्य बोरा, एडवोकेट दीपक सिंह नगरकोटी,दीप चंद्र सिंह कार्की,दिनेश चंद्र पांडे, भुवन मिश्रा, संजय कुमार अग्रवाल (एडवोकेट),विपिन चंद्र जोशी, कमला बिष्ट,मीनू जोशी,ध्रुव टमटा,मोहन लाल टमटा जी सहित अन्य अनेक श्रोताओं कार्यक्रम चार चांद लगाये उपस्थित कवियों ने विकास,प्रकृति,श्रृंगार,वर्तमान समय की राजनीति,सामाजिक परिदृश्य /चेतना सहित अन्य अनेक सम सामयिक विषय आधारितकाव्य,गीत,व्यंग,ग़ज़ल आदि अनेक विधाओं पर हिंदी व कुमाउनी में अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की।डॉ.धराबल्लभ पांडे जी द्वारा माँ सरस्वती को नमन व श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए काव्य गोष्ठी का पारंपरिक शुभारंभ किया गया–

  • माँ शुभ वर दायिनी, भव सागर तारिणी
    अष्ट रूप धारिणी माँ, सदा शक्ति दीजिये…
    डॉ. बोरा जी की पुस्तक कुमाउनी कविता संग्रह’ हिमाव”‘ का सभी उपस्थित अतिथि व साहित्यकारों द्वारा संयुक्त रूप से लोकार्पण/ विमोचन किया गया। डॉ. बोरा द्वारा सभी का स्वागत/आभार व्यक्त करते हुए अपनी नव विमोचित् पुस्तक के संबंध में विस्तृत चर्चा की ,साथ ही पुस्तक की कुछ कविताओं का पाठ भी किया।कार्यक्रम अध्यक्ष व मुख्य अतिथि द्वारा डॉ बोरा जी की पुस्तक पर एक दृष्टि डालते हुए रचनाओं की सराहना की,उन्हें सतत लेखन व मुख्यतः कुमाउनी भाषा के संवर्द्धन हेतु प्रयासरत रहने हेतु साधुवाद दिया।
    डाक्टर दलीप सिंह बोरा द्वारा हिमाव काव्य संग्रह पुस्तक के विषय में बताया कि इस संग्रह में बावन कविताओं को प्रस्तुत किया गया है। हिमाचल पर केन्द्रित हिमाव ( हिमाल) शीर्षक पर आधारित कविता पर्यावरण संरक्षण पर केन्द्रित की गयी है।यह पुस्तक कुमाऊनी भाषा साहित्य एवं संस्कृति प्रचार समिति कसार देवी अल्मोड़ा द्वारा प्रकाशित की गयी है। इस पुस्तक की भूमिका प्रोफेसर जगत सिंह बिष्ट सेवा निवृत्त कुलपति सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अलमोडा़ द्वारा लिखी गयी है। नीरज पंत द्वारा भी शुभकामनाएं संदेश दिया गया है।
    दलीप सिंह बोरा ने लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित करने हेतु संयोजक छंजर सभा डाक्टर रमेश लोहुमी सहित छंजर सभा परिवार व कार्यक्रम में उपस्थित सभी साहित्यकारों को साधुवाद व आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम समापन से पूर्व छन्जर सभा के वरिष्ठ सदस्य सुप्रसिद्ध कवि /साहित्यकार व लोक गायक स्व. श्री दीवान सिंह कनवाल जी के आकस्मिक निधन को लोक कला की अपूर्णीय क्षति बताते हुए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें स्मरण व नमन करते हुए सभा की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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