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- ( गांधी पार्क अल्मोड़ा में सभा कर माघी खिचड़ी खायी)
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने गांधी पार्क, अल्मोड़ा में एकत्र होकर पार्टी का 17वाँ स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में यह सत्तारूढ़ रही राजनीतिक पार्टी ने उत्तराखंड को बर्बाद कर दिया है और राज्य की आधारण नष्ट हो गई है। राज्य अवधारणा को साकार करने और सामाजिक राजनीतिक व्यवस्था परिवर्तन करने के लिया ही उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी अस्तित्व मेंआई है और निरंतर संघर्षरत है।

पिछले 17 वर्षों में संसाधनों के अभाव के बावजूद पार्टी ने अपनी वैचारिक दृढ़ता बनाए रखी, किसी भी प्रकार के समझौते से दूर रहते हुए निरंतर संघर्ष किया तथा सत्ता के दमन का सामना करते हुए अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। इसी कारण आज परिवर्तन पार्टी राज्य की एकमात्र विश्वसनीय क्षेत्रीय राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित होती जा रही है।
सभा में वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे हर प्रकार के अवसरवाद और तात्कालिक राजनीतिक लाभ की प्रवृत्तियों से मुक्त रहकर जनहित के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में स्थित कई दलों की वर्तमान दुर्दशा के पीछे अवसरवाद ही मुख्य कारण रहा है, जिसे अब मिल-जुलकर समाप्त करना होगा।सभा की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पार्टी की पहली राजनीतिक समिति के सदस्य गोविंद लाल वर्मा ने कहा कि परिवर्तन पार्टी अपने विचारों और संघर्षों के कारण जानी जाती है तथा उसमें कांग्रेस और भाजपा जैसे दलों के विकल्प के रूप में उभरने की पूरी क्षमता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि राज्य की सभी संघर्षशील शक्तियों को एकजुट होकर जनता के सामने एक सशक्त राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो परिवर्तन पार्टी अपने दम पर और समान विचारधारा वाले संघर्षशील संगठनों के साथ मिलकर राज्यहित में इस संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। विभिन्न क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं ने पार्टी झंडों और अपनी मांगों की तख्तियों के साथ गांधी पार्क से माल रोड होते हुए लाल बाजार तक मार्च निकाला। कार्यक्रम का समापन माघ माह की परंपरागत खिचड़ी के साथ किया गया।इस मौके पर पार्टी के उपाध्यक्ष आनंदी वर्मा महासचिव नारायण राम एड जीवन चंद, बसंत खानी, (उछाछ की ) सोना खानी, हेमा और भावना, स्वाति तिवारी, मनोहर उपाध्याय, किरन आर्य, एडवोकेट गोपाल राम, मोहम्मद वसीम, एडवोकेट मनोज पंत, शंकर सिंह, नारायण सिंह दानू, मोनिका दानू, अमन, मोहन राम, अनिता बजाज, अनीता आर्य, दीवान सिंह, पी सी जोशी, कसौतोबानंद भट्ट, हर सिंह, हम पांडे, एडवोकेट स्निग्धा तिवारी समद बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

















