देहरादून: उत्तराखंड में कुदरत के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान के कारण सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
मौसम का सबसे बड़ा झटका बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों में देखने को मिला है, जहां सोमवार सुबह से ही झमाझम बारिश जारी है। इस बारिश से जहां एक तरफ जंगलों की धधकती आग शांत हो गई है और पेयजल संकट से बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ मैदानी और पहाड़ी इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

पिथौरागढ़ में भारी बारिश के रेड/ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने एहतियातन सभी स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। नैनीताल जिले के फल पट्टी क्षेत्रों जैसे रामगढ़, धारी और नथुवाखान में भारी ओलावृष्टि हुई है, जिससे आडू, पुलम और सेब की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। चकराता के ग्रामीण इलाकों में आए भीषण आंधी-तूफान से बिजली की लाइनें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे कई गांवों में बत्ती गुल है और छावनी बाजार में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है।

















