( उत्तराखंड राज्य की वर्तमान दशा और दिशा पर केंद्रित करती एक पाती)
उदय किरौला “उद्दा” उत्तराखंड के जाने-माने बाल साहित्यकार हैं। वे बाल प्रहरी , बाल पत्रिका के सम्पादक हैं। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के एक सशक्त हस्ताक्षर हैं। उत्तराखंड की वर्तमान दशा और दिशा पर उन्होंने अपने उत्तराखंड के मित्रों के नाम एक चिठ्ठी लिखकर बहुत सुंदर चित्रण किया है।जिसे यथावत प्रस्तुत किया जा रहा है।

उत्तराखंड के जाने-माने बाल साहित्यकार उदय किरौला


उत्तराखंड के मित्रों के नाम चिट्ठी

  शुभ स्थान थत्यूड़, टिहरी गढ़वाल 
   माघ 23 पैट, वृहस्पतिवार
    5 फरवरी, 2026

सिद्धीश्री सर्वोपमा योग्यवर-6
आमा-बुबू, ठुल ईजा-ठुल बौज्यू, कका-काकी,ममा-मामी और सबै ठुला कैं म्येरि पैला और ननां कैं प्यार आशीष।
उत्तराखंड में सरकारल मंत्री और नेताओं यात्रा भत्ता 60 हजार है बड़ै बे 90 हजार करि है। कुछ समय पैली सरकारल मंत्री और विधायकों तन्खा लै बड़ै रछी। आपुण तन्खा बढ़ाणा लिजी नेता लोग सब एक है जानी। आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर जो जमीन में सारै काम करनी। नेताओं मीटिंगा लिजी भीड़ जुटानी। उनेरि क्ये पूछ नहां। हमर गौंक सभापति ज्यू कूणी कि सरकारल डाक्टर, इंजीनियर, मास्टर और दुसार नौकर चाकर सब संविदा पर धरि रयीं। सरकारल फौज में लै अग्निवीर धरि हाली। आब सरकारल कोर्ट में जज लै संविदा पर धरि हाली। सरकार भौल काम करण रै। सरकार कैं आब मंत्री वीर, सचिव वीर, जिलाधिकारी वीर जसै कुछ नई पद बनाण चैंनी। स्कूलों में प्रधानाचार्य वीर बनाणै जरूरत नहां। वेति मास्टर सैप उसिकै प्रधानाचार्य वीर है जादे काम करण रयीं।
पहाड़ पन वसंत पंचमी बाद रंग-बिरंगी फूल जाग-जगां खिलि रयीं। राड़ दैणां फूलों पर मौन भनमनाण रयी। आड़ू, खुमानी और दूसार डाई बोटन पर रंग-बिरंगी फूल ऐ रयीं। पहाड़ा जंगोउ पन बुरांस एक द्वि महैण पैलियै खिलि गो। जंगोउ आज भोउ लाल हैरौ। हमार गौंक सभापति ज्यू कूणी कि पैली बटी पूस और माघ में जाड़ हूंछी। फागुण बटी गर्मी चाल है जांछी। अलबेर माघ में ह्यौनौ पैल द्यो हैरौ।
होली तैयारी पहाड़ पन लोग करण रयीं। हारमोनियम और तबाल में राग-विहाग वाल बैठ होलि पूसा इतवार बटी शुरू है गछी। पहाड़ा जो गौं में जागरूक सभापति चुनाव जीति रयीं। उ सभापति होलि में कुछ नई करणै सोचण रयीं। क्वे सभापतिल गौं में भ्यार बटी आई फेरि वालूं पर रोक लगै हाली। तो क्वे सभापतिल घुटुक घाटुक लगाणियां कैं सिसौण झपकाणै स्कीम चलै रै। जादेत्तर सभापति विधायक निधि और सांसद निधि बटी स्कीम ल्याणा चक्कर में छन।
पहाड़ पन लोगूंल बल्द पालण कम करि है। गौं-गौं में ट्रैक्टर पुजि गयीं। हौ बाण छू या ग्यौं चूटण सब डबल दिबे ट्रैक्टर वाला पास जाण रयीं। स्यैणियां लिजी काम कमै हैगो। तलाऊं इलाक पन लोग खेति पाति करणै रयीं। उपराऊ जमीन बांज पड़िगे। घरौं पन मोदी ज्यू नाम पर सब खुशि छन। मोदी ज्यूल सबूं भल करि रौ। घरौं पन जो लोग दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करण हूं जै रयीं। जनूंल शहर बजार पन दुकान करि रै। मोदी ज्यूल सबूं कैं किसान पिल्सन लगै रै। हमर गौं शिबू लाटा नाम पर जमीन नहां। उ अधेई में सबूं जमीन कमाण रौ। जो गौं में असली किसानी काम करण रौ। सरकारा कागजौ में उ किसान नहां।
आज भोवा ब्वारी सास-सौरनै इज्जत नि करण राय। य बात सबै करण रयीं। हमार गौंक सभापति ज्यू कूणी कि सबूं कैं आपुण च्येलिया कैं नान छनै बटी संस्कार दिण चैनी। ब्या है सकौ तो आपुण ब्यौल दगाड़ अलगै चुल पन इकौल कठु बणि बे च्याल ब्वारी रूण चानी। नान ठुल है जाल। ब्वारि रव्ट पकै बे खवालि कै सब आस लागि रूनी। पर आज भोवा ब्वारियां नखार जादे है गयीं। सभापति ज्यू कूणी कि सबूं कैं आपुण ननां कैं बुड़ – बाड़ी इज्जत करणै लिजी कुण चैं। घरौं पन रतै ब्याल ठंड भौत है जाणौ। दिन में चड़कैल घाम लागण रौ। स्कूली नना सालाना इम्तिहान हुणी छन। सरकारल य बीच नौकरी में भर्ती खोलि रयीं। सब आपुण-आपुण इष्ट मितुरौं कैं पांजणा जुगाड़ में लागि रयीं। हमर गौं में लै एक हाकिम सिंग पैद हैरौ। उ प्रधान मंत्री, मुख्यमंत्री है तलि बात नि करण रौय। आज भोउ दुसार गौं लोग लै वी पास उण रयीं। चपरासी नौकरी लिजी पढ़ी – लिखी नान तिन लै अर्जी लगाण रयीं। स्कूली नना कार्यशाला लिजी टिहरी गढ़वाल थत्यूड़ जै रयूं। येति गौं पना लोगूंल आजि आपुण-आपुण संस्कृति और रीति-रिवाज बचै बे धरि रै।
आज इतूकै लेखण रयूं। चिट्ठी ठुलि हैगे कै नराज झन हया। रोज सोचनू कि कम लेखूल। पर मनसुप जसै लागि जानी। चिट्ठी मिलि गे कै एक आंखर लेखि दीया। आज भोउ सबूं मुबाइल पर अनलिमिटेड प्लान हूंछ। एक आंखर लेखि दिला। तुमर मुबाइल घोइण जै क्ये रौ। चिट्ठी पढ़ि बे भल लागलौ तो इष्ट मितुरौं कै लै शेयर करि दीया। पहाड़ पन आपुण इज-बौज्यू और आम-बुब कै इकलै झन छोड़िया। गौं बाखई पन लोग बहुत मजाक बनानी। मरि बे पिपो पाणि और सराद में पंडि ज्यू कैं दान करि दिया। भलि बात छू। पर ज्यौन जी बुड़-बाड़ी कैं एक घुटुक चहा बखत पर मिलि जाओ, य जुगाड़ करि दिया। आज भोवा ब्वारी सास सौरन कैं जादे मुख नि लगाण राय। शिबौ बुड़-बाड़ि परेशन छन। भोल हमरि लै यसै गत्त होलि य समझि बे बुड़-बाड़ी स्याउ करि दिया। मौसम बदलण रौ। आपुण ज्यानै हिफाजत करीया तबै पालना होलि। बांकि फिर लेखूल
तुमर मितुर,
उदय किरौला
संपादक बालप्रहरी
सचिव बालसाहित्य संस्थान
दरबारीनगर अल्मोड़ा उत्तराखंड
मोबाइल 9412162950
वाट्सअप 7088394370
ई मेल [email protected]
[email protected]
( हार्दिक आभार उदय किरौला उद्दा का )

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