(फर्जी आधार, पैन कार्ड एवं वेतन पर्ची के सहारे ऋण प्रकरण में गारंटर बनने वाला वांछित अभियुक्त गिरफ्तार,मुख्य अभियुक्त पूर्व में गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में—अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच जारी)
फर्जी दस्तावेज के जरिये ऋण लेने के मामले में अल्मोड़ा पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने गारंटी देने वाले अभियुक्त को गिरफतार किया है।मामला कुछ यूं रहा,दिनांक 04.11.2025 को समीर भटनागर, शाखा प्रबंधक, उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, अल्मोड़ा द्वारा कोतवाली अल्मोड़ा में तहरीर दी गई कि हिमांशु कुमार पुत्र रतन सिंह द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कर्मचारी ऋण योजना के अंतर्गत ₹19,00,000/- की ऋण सीमा स्वीकृत कराई गई है।
वादी की तहरीर के आधार पर कोतवाली अल्मोड़ा में मु0अ0सं0 94/2025, धारा 318(4), 61(2) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग किया जाना प्रकाश में आने पर अभियोग में धारा 336(3), 338 एवं 340(2) बीएनएस की वृद्धि की गई।श्री चंद्रशेखर घोडके, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा* द्वारा जनपद के समस्त कोतवाली/थाना प्रभारियों को वांछित अभियुक्तों की शत-प्रतिशत गिरफ्तारी हेतु सख्त निर्देश दिए गए हैं।अपर पुलिस अधीक्षक श्री हरबन्स सिंह* के मार्गदर्शन एवं सीओ अल्मोड़ा/रानीखेत श्रीमती भावना कैंथोला के पर्यवेक्षण में प्रभारी कोतवाली अल्मोड़ा के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा लगातार सुरागरसी-पतारसी एवं तलाश की जा रही थी।
विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों एवं गवाहों के कथनों से प्रकाश में आया कि राजू जीना पुत्र शेर सिंह द्वारा स्वयं को राजू कुमार पुत्र रामचंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया।
अभियुक्त द्वारा कूटरचित आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं वेतन पर्ची तैयार/प्रयोग कर मुख्य अभियुक्त हिमांशु कुमार के ऋण प्रकरण में गारंटर के रूप में प्रस्तुत होना पाया गया। उक्त संबंध में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर राजू जीना का नाम अभियोग में अभियुक्त के रूप में प्रकाश में आया।
अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे।इसी क्रम में दिनांक 07.09.2026 को पुलिस टीम द्वारा कोतवाली रुद्रपुर क्षेत्रांतर्गत रमपुरा से वांछित अभियुक्त राजू कुमार उर्फ राजू जीना को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है।उक्त प्रकरण के मुख्य अभियुक्त हिमांशु कुमार को पूर्व में गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है, जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में है।गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक अनिल जोशी चौकी प्रभारी बेकानिस्टेबल सुंदर लाल बारकोटी रहे।

















