गरमपानी। पर्वतीय क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गरमपानी–खैरना को उप-जिला चिकित्सालय (SDH) का दर्जा दिलाने के लिए क्षेत्रवासियों ने एकजुटता दिखाई है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मांग को लेकर आज से एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की है। अभियान के तहत एकत्रित समर्थन पत्रों को शीघ्र ही शासन एवं प्रशासन को भेजा जाएगा।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गरमपानी–खैरना और आसपास का संपूर्ण क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं और भूस्खलन के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील है। अतिवृष्टि, मार्ग अवरुद्ध होने या सड़क दुर्घटनाओं के समय गंभीर मरीजों, प्रसूताओं और घायलों को तत्काल दूरस्थ बड़े अस्पतालों तक पहुंचाना अत्यंत जोखिमपूर्ण हो जाता है। रास्ते में जाम या भूस्खलन के कारण उपचार में होने वाली देरी मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से उठाई गईं प्रमुख मांगें:
- एसडीएच दर्जा: सीएचसी गरमपानी–खैरना को तत्काल उप-जिला चिकित्सालय (SDH) के रूप में उच्चीकृत किया जाए।
- ब्लड बैंक की स्थापना: आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए ब्लड बैंक स्थापित हो और आवश्यक तकनीकी स्टाफ नियुक्त किया जाए।
- विशेषज्ञ एवं रेडियोलॉजिस्ट: नियमित रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कर अल्ट्रासाउंड सेवाएं सुचारु की जाएं और नियमित शल्य चिकित्सा (सर्जरी) प्रारंभ हो।
- रिक्त पदों की पूर्ति: चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के स्वीकृत और रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए।
- 24×7 आपातकालीन सेवा: आधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ 24 घंटे सक्षम आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था विकसित की जाए।
क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट किया कि पर्वतीय क्षेत्रों में मजबूत स्वास्थ्य ढांचा केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु के बीच की रेखा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्वास्थ्य केंद्र के सुदृढ़ीकरण और एसडीएच दर्जे को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो जनआंदोलन को और तेज किया जाएगा।

















