गरमपानी : अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर स्थित प्रमुख व्यापारिक केंद्र गरमपानी बाजार इन दिनों लावारिस गायों और बैलों के आतंक से त्रस्त है। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि पशुओं की संख्या लगातार बढ़ने से न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
व्यापारियों का आरोप है कि ये पशु दिनभर दुकानों के ठीक सामने डेरा जमाए रहते हैं, जिससे ग्राहकों को आने-जाने में भारी असुविधा होती है। पशुओं द्वारा की जाने वाली गंदगी से दुकानों के सामने बदबू और अस्वास्थ्यकर स्थिति बनी रहती है। कई बार ये पशु दुकानों में रखा सामान या सब्जियां भी चट कर जाते हैं, जिससे छोटे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
आज बाजार में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब दो बैल आपस में भिड़ गए। इस लड़ाई के दौरान वहां खड़ी एक स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि उस वक्त आसपास कोई व्यक्ति नहीं था, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन ये पशु सड़क के बीचों-बीच लड़ते हैं, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है और एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कुछ लोग रातों-रात अपने अनुपयोगी पशुओं को बाजार क्षेत्र में छोड़कर चले जाते हैं। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- इन लावारिस पशुओं को जल्द से जल्द गौशालाओं में भेजा जाए।
- पशुओं को लावारिस छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

















