उत्तराखंड के बाल साहित्यकार उदय किरौला उद्दा की
उत्तराखंड के मित्रों के नाम चिट्ठी।
( उदय किरौला उद्दा बाल साहित्यकार ने एक साहित्य सृजन की नयी विधा की तरफ लेखनी चलायी है, समाज की दशा व दिशा पर केंद्रित व्यंग्यात्मक चिठ्ठी)

उदय किरौला उद्दा यूं तो बाल साहित्यकार के रूप में समाज में जाने जाते हैं, उदय किरौला ने एक नयी साहित्य सृजन की पेशकश की है, चिठ्ठी के माध्यम से समाज की दशा और दिशा को चित्रण करने का। इस चिट्ठी से किरौला जी ने कुमाऊनी में आगामी विधानसभा चुनाव और राजनेतिक वातावरण का चित्रण किया है, जिसे पाठकों के बीच यथावत प्रस्तुत किया जा रहा है-:
उदय किरौला उद्दा की चिठ्ठी
शुभ स्थान – अल्माड़
माघ 30 पैट, वृहस्पतिवार
12 फरवरी, 2026

सिद्धीश्री सर्वोपमा योग्यवर-6
आमा-बुबू, ठुल ईजा-ठुल बौज्यू, कका-काकी,ममा-मामी और सबै ठुला कैं म्येरि पैला और ननां कैं प्यार आशीष।
उत्तराखंड में अघिल साल विधान सभा चुनाव छन। आपुण टिकट पक्क करणा चक्कर में नेता लोग एक पार्टी बटी दुसार पार्टी में भजाभाज करण रयीं। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री ज्यू घरवाईक डाड़ मारते हुए एक वीडियो आज भोउ वायरल हैरौ। उनर डाड़ मारणौ वीडियो देखि लोग आपुण-आपुण हिसाबल बात करण रयीं। ऐला फ्यरां बजट में लै टनकपुर-बागस्यर रेल लाइनै मंजूरी नि हुण पर लै लोग सत्ताधारी नेताओं कैं कुचडै़न सुणाण रयीं। जो लोग आपुं कैं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी बताण रयीं। उ आपुण पैंशन और नौकरी में ननां कैं आरक्षण दिणा लिजी ठुल नेताओं हाथ खुट जोड़ण रयीं। अस्पतालों हालत ठीक नहां। गौं-गौं शराबा दुकान खुलण रयीं। गौं पना नलों में पाणि नहां। जनता जनार्दनै सुणणी क्वे नहां।
पहाड़ पन लोग शिवराति ब्रतै तैयारी करण रयीं। व्रता दिन बजार पन पिंगाउ गद्दु खूब बिचां। भौत लोग शिवराति दिन फलाहार में गदुवौ साग खानी। य वजैल व्रता दिन पिंगउ गदुवै मांग बढ़ि जैं। पैली बटी घरौं पन मकाना धुरि में लोग गदु धरि दिछी। बखत-बेबखत पिंगउ गदुवौ साग खांछी। गौं बाखई पन लै बांटछी। ब्या काज में गदुवौ साग लै बणाछी। आब घरौं पन मकाना धुरि में गदु धरणौ रिवाज खतम हैगो। जादेत्तर लोगूंल सीमेंट वाल कुड़ बणै हाली। दुसर बानर इतू है गयीं। बानर क्ये लै नि धरण राय। आब घरौं पन लिण-दिण लै कमै हैगो। लोग शिवराति दिनां गदु बजार पन बेचि बे आपुण लूण-गुड़ौ खर्च निकाउण रयीं। शिवराति हूं बजार पन गदु खतम है जां। य वजैल लोगूंल एक हफ्त पैली बजार बटी काटी गदुवौ साग धरि हालौ। गौं घरौं पना लोग गदु बजार बेचण हूं लिजाण रयीं।
पहाड़ पन शिवराति लिजी शिवालयों में साफ-सफाई चलि रै। शिवराति कौतिका लिजी लोग चुवा लडू बणै बे लै धरण रयीं। सात गौं सतराई यानी ताकुला लोग शिवराति दिन बागस्यर बागनाथ ज्यू मंदिर में होलि कूनी। शिवराति दिन अबीर गुलालै होलि खेलनी। आज भोउ गौं-गौं में बैठक होलि चलि रयीं। क्वे-क्वे गौं में नई सभापति़ होलि में गौं है भ्यार रूणी लोगों कैं इकबट्याणै कोशिश करण रयीं। घुटुक-घाटुक लगाणियांल पहाड़ा होलि ठंड करि हाली। सभापति चुनाव बाद जादेत्तर गौंनूं पन लोग ताल धाड़-माल धाड़, ताल बाखई-माल बाखई, नान जात-ठुल जात में लै बांटी रयीं। पर गौं पना कुछ जागरूक लोग आपुण संस्कृति कैं बचाणा लिजी लागि रयीं। हमार गौंक सभापति ज्यू कूणी कि होलि में पैली बटी लोग अंट-शंट, कुणी-निकुणी बात कूंछी। आब सब लोग पढ़ी लिखी है गयीं। आब-अबै स्यैणियां होलि लै गौं बाखई पन हुण रयीं। पैली बटी गौं बाखई बर्यात में रत्याई में स्यैणी आपुण ब्यौलौ कोट पेंट पैरि बे ठेठर करछी। आब रत्याई में गौं-गौं में डीजे पुजि गो। स्यैणियां होलि में स्यैणी स्वांग और होलि करण रयीं। य भलि बात छू। आज भोउ अल्माड़, नैनताल, बागस्यर और दुसार-तिसार जगां स्यैणियां होलि चलि रयीं।
पहाड़ पन माघ फागुण में ब्या काजा लगन भौत छन। स्कूली नना सालाना इम्तिहान चाल है गयीं। हाईस्कूल और इंटरा बोर्डा इम्तिहान लै य महैण निगाउ तक हुणी छन बल। हमार गौंक सभापति ज्यू कूंनी कि पैली बटी गौं घरौं पन कैकौ शुभ काम हूछी तो पंडि ज्यू बतै दिछी कि आज अजौत छू। क्वे लै खेतों में बल्द झन जोतिया। आज भोउ जरा लै मौसम खराब है जाणौ तो डीएम सैप स्कूलों में ‘अजौत’ करि दिणी। जै दिन डी एम सैप छुट्टी यानी अजौत बतै दिनी। उ दिन नान तिन खुशि है जाणी। सरकारा ख्वार में डाम धराल। जै दिन डी एम सैप स्कूलै छुट्टी करनी उ दिन किभौल कौ घाम ऐ जाणौ। घरौं पन तो आब खेत जोतण में लै ट्रैक्टर चलण रौ। घरौं पन अजौत आब कम मानण रयीं। पर डी एम सैपूं अजौतै छुट्टी सब करण रयीं। धुपरि कै चड़कैल घाम लागण रौ। रतै-ब्याल निगुर जाण है जाणौ। बुड़-बाड़ि खांसन-खांसनै परेशान है जाणी। उनार दगाड़ रात हूं सबूं नीन हराम है जाणै। डाई बोटन में आज भो पौ फूटण रौ। रात हूं नका स्वैण देखण में उण रयीं।
आज इतूकै लेखण रयूं। चिट्ठी ठुलि हैगे कै नराज झन हया। रोज सोचनू कि कम लेखूल। पर मनसुप जसै लागि जानी। चिट्ठी मिलि गे कै एक आंखर लेखि दीया। आज भोउ सबूं मुबाइल पर अनलिमिटेड प्लान हूंछ। एक आंखर लेखि दिला। तुमर मुबाइल घोइण जै क्ये रौ। चिट्ठी पढ़ि बे भल लागलौ तो इष्ट मितुरौं कै लै शेयर करि दीया। पहाड़ पन आपुण इज-बौज्यू और आम-बुब कै इकलै झन छोड़िया। गौं बाखई पन लोग बहुत मजाक बनानी। मरि बे पिपो पाणि और सराद में पंडि ज्यू कैं दान करि दिया। भलि बात छू। पर ज्यौन जी बुड़-बाड़ी कैं एक घुटुक चहा बखत पर मिलि जाओ, य जुगाड़ करि दिया। आज भोवा ब्वारी सास सौरन कैं जादे मुख नि लगाण राय। शिबौ बुड़-बाड़ि परेशन छन। भोल हमरि लै यसै गत्त होलि य समझि बे बुड़-बाड़ी स्याउ करि दिया। मौसम बददलण रौ। आपण ज्यानै हिफाजत करीया तबै पालना होलि। बांकि फिर लेखूल
तुमर मितुर, उदय किरौला
( हार्दिक आभार उदय किरौला उद्दा का )

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