अस्पताल परिसर में हड़कंप: नवजात को SNCU में कराया गया भर्ती; बनभूलपुरा की 14 वर्षीय किशोरी की डिलीवरी के बाद पुलिस ने शुरू की डीएनए जांच प्रक्रिया।
हल्द्वानी। राजकीय बेस अस्पताल में बुधवार को दो बेहद संवेदनशील मामले सामने आए। सुबह अस्पताल के शौचालय में मानसिक रूप से अस्वस्थ एक महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया, जिससे अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में नर्सों और चिकित्सकों की मदद से महिला को वार्ड में भर्ती कराया गया।
अस्पताल की प्रभारी सीएमएस डॉ. कांता किरण ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। नवजात का वजन लगभग 3 किलोग्राम है, जिसे बेहतर देखरेख और पोषण के लिए एसएनसीयू (SNCU) में रखा गया है। अस्पताल की नर्सें ही नवजात के दूध और देखभाल की व्यवस्था कर रही हैं। महिला की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसकी सुरक्षा और निगरानी के लिए स्थानीय पुलिस को पत्र लिखकर अस्पताल में पुलिस बल तैनात करने की मांग की गई है, ताकि महिला कहीं भटक न जाए।
14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता किशोरी ने भी दिया बच्चे को जन्म
इसी बीच, बनभूलपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता किशोरी ने भी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। चिकित्सकों की निगरानी में मां और नवजात दोनों की स्थिति स्थिर बनी हुई है। घटना के बाद पुलिस ने नवजात के जैविक पिता की आधिकारिक पुष्टि के लिए डीएनए (DNA) टेस्ट की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मामले के अनुसार, किशोरी की मां ने जून में आरोपी सलमान (निवासी बनभूलपुरा) के खिलाफ तहरीर दी थी। आरोप था कि बीते फरवरी माह में जब किशोरी दवा लेने बाजार गई थी, तब आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने परिजनों को जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब आरोपी और नवजात के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजे जा रहे हैं।

















