भाकृअनुप–विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त के मार्गदर्शन में “नकदी फसलों की उन्नत खेती” पर तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण का आयोजन 12 से 14 अगस्त 2026 तक संस्थान के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र, हवालबाग, अल्मोड़ा में किया गया। यह प्रशिक्षण हिमोत्थान सोसाइटी, अल्मोड़ा द्वारा प्रायोजित किया गयाइस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 9 गांवों से कुल 26 किसान प्रतिभागियों ने सहभागिता की, जिसमें 06 पुरुष एवं 20 महिला किसान शामिल रहे। प्रशिक्षण का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को नकदी एवं उच्च मूल्य वाली फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मूल्यवर्धन एवं प्रसंस्करण, मृदा एवं जल संरक्षण, रोग एवं कीट प्रबंधन तथा उत्पाद के विपणन एवं मूल्य श्रृंखला के संबंध में वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को पर्वतीय कृषि प्रणाली में फसल विविधीकरण द्वारा आय वृद्धि, उन्नत सब्जी उत्पादन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, उच्च मूल्य वाली फसलों में मूल्यवर्धन, मृदा स्वास्थ्य एवं संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, नर्सरी प्रबंधन एवं बेमौसमी सब्जी उत्पादन आदि विषयों पर जानकारी दी गई। साथ ही, उन्नत मशरूम उत्पादन एवं मूल्यवर्धन, पारंपरिक पोषक-अनाज फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक, समेकित रोग एवं कीट प्रबंधन तथा मृदा एवं जल संरक्षण प्रौद्योगिकियों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।प्रशिक्षण के दौरान “उच्च मूल्य वाली नकदी फसलों की मूल्य श्रृंखला – खेत से बाजार तक” विषय पर किसानों को उत्पादन के साथ-साथ मूल्यवर्धन, बाजार से जुड़ाव एवं उच्च- मूल्य प्राप्त करने के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, किसानों को विभिन्न कृषि संबंधी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में प्रतिभागी-वैज्ञानिक संवाद आयोजित किया गया, जिसमें किसान प्रतिभागियों ने अपनी कृषि संबंधी समस्याओं, अनुभवों एवं जिज्ञासाओं को वैज्ञानिकों के साथ साझा किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. बी.एम. पांडेय, प्रभागाध्यक्ष, फसल उत्पादन प्रभाग ने प्रतिभागी किसानों के साथ संवाद करते हुए कहा कि कृषि के समक्ष उत्पादन बढ़ाने की चुनौती के साथ ही कृषक आय में वृद्धि, उत्पादन लागत में कमी, कृषि जोखिमों को कम करना तथा कृषि उत्पादों को बाजार से जोड़ना भी एक महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टि से नकदी एवं उच्च मूल्य वाली फसलों की उन्नत खेती किसानों के लिए आय के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागी किसानों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वयन भाकृअनुप–विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के वैज्ञानिकों डॉ. कामिनी बिष्ट, डॉ. महेंद्र सिंह भिंडा एवं डॉ. राजेंद्र प्रसाद मीणा द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान संस्थान के विभिन्न प्रभागों के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को संबंधित विषयों पर तकनीकी जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन प्रदान किए गए।

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