खैरना/गरमपानी। स्थानीय प्रशासन की तमाम अपीलों और सख्त हिदायतों के बावजूद खैरना-गरमपानी क्षेत्र से होकर बहने वाली जीवनदायिनी उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी के तटों पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले कुछ हुड़दंगी और लापरवाह लोग नदी के किनारे न केवल खुलेआम नहा रहे हैं, बल्कि वहीं पत्थरों का चूल्हा बनाकर खाना भी पका रहे हैं।

​नदी किनारे सूखी झाड़ियों और तेज हवाओं के बीच इस तरह आग जलाकर खाना बनाने से किसी भी वक्त भयंकर आगजनी की घटना हो सकती है। गर्मियों के इस सीजन में पहाड़ों में पहले ही वनों की आग का खतरा चरम पर है, ऐसे में नदी तट पर यह लापरवाही पूरे गरमपानी और खैरना बाजार के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।

स्थानीय व्यापारियों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि बार-बार मना करने के बाद भी ये लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं और पवित्र नदी को प्रदूषित करने के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से ऐसे हुड़दंगियों के खिलाफ केवल हिदायत देने के बजाय सख्त कानूनी और चालानी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।

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