(*जिला रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारियों के तेवर गर्म, प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा।
**रात 10 बजे किया रेफर,ब्लड बैंक की व्यवस्था पर उठाए सवाल।)
अल्मोड़ा बेस चिकित्सालय (-सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा ) एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। रैड क्रॉस सोसायटी अल्मोड़ा के पदाधिकारियों ने अनावश्यक रैफर व ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश जता प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा । ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। 12 वर्षीय बालिका को ब्लड बैंक से रक्त नहीं मिल पाने के कारण विगत ( बुधवार)रात करीब 10 बजे रक्त की कमी चलतेरेफर किए जाने का मामला सामने आया है। रेडक्रॉस के पदाधिकारीयों का कहना है वेरक्तदाता लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे इसके बावजूद चिकित्सक ने बालिका को रेफर कर दिया। इस घटना से आक्रोशित रेडक्रॉस पदाधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
जानकारी के अनुसार 12 वर्षीय बालिका को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा लाया गया था।उपचार के दौरान बालिका को रक्त की आवश्यकता बताई गई लेकिन परिजनों को ब्लड बैंक में रक्त उपलब्ध नहीं हो पाया।मामला सामने आने पर रेडक्रॉस के पदाधिकारी रक्तदाता लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे ताकि बालिका को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।इसके बावजूद रात करीब 10 बजे बालिका को रेफर कर दिया गया।इस घटनाक्रम ने मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली और आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।रेडक्रॉस पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि जब जरूरतमंद मरीज के लिए रक्तदाता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा था तब बालिका को रेफर क्यों किया गया?क्या रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीज को उपचार देने के लिए सभी आवश्यक विकल्पों पर विचार किया गया था?इन सवालों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।रेडक्रॉस पदाधिकारियों ने प्राचार्य के समक्ष ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।उन्होंने बताया कि ब्लड बैंक में रक्त लेने के लिए मरीज के तीमारदारों से डोनर की व्यवस्था करने को कहा जाता है और डोनर के बिना रक्त उपलब्ध नहीं कराया जाता।
पदाधिकारियों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज और उसके परिजन पहले ही मानसिक तनाव से गुजर रहे होते हैं ऐसे में अनावश्यक रैफर और चिंता बढ़ा देता है।रेडक्रॉस ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने,बालिका को रेफर किए जाने के कारणों का पता लगाने और ब्लड बैंक की व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।
पदाधिकारियों ने यह भी जानना चाहा कि जब रेडक्रॉस रक्तदाता लेकर पहुंच गया था तब भी बालिका को रेफर करने की नौबत क्यों आई।उन्होंने मांग की कि मामले में संबंधित चिकित्सकों और ब्लड बैंक की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।दूरस्थ गांवों से आने वाले मरीजों के लिए रात के समय दूसरे अस्पताल तक पहुंचना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।ऐसे में रक्त की उपलब्धता जैसी बुनियादी जरूरत के कारण मरीजों को रेफर किए जाने की घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं।।इस घटना ने मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता,डोनर संबंधी व्यवस्था और आपातकालीन मरीजों के उपचार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेडक्रॉस ने मांग की है कि
12 वर्षीय बालिका को रेफर किए जाने के मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।प्राचार्य से मिलने वालों में रेडक्रॉस प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज सनवाल,यूथ रेडक्रॉस चेयरमैन अमित साह मोनू,यूथ रेडक्रॉस सचिव मनोज भंडारी मंटू,यूथ रेडक्रॉस उपसचिव अभिषेक जोशी, ग्राम प्रधान विनोद जोशी शामिल रहे।
इस घटनाक्रम से प्रदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अनावश्यक रैफर करने पर दोषी चिकित्सालय व चिकित्सकों की जांच हेतु जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित “जिला रैफर कमेटी” की कार्यवाही पर नजरें टिकी हुई दिखती है।






















