भारतीय जनता पार्टी अलमोडा़ ने एक मिडिया बैठक आयोजित कथ संसद में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है।

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके पर महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े होने तथा देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए कहा विपक्ष ने इस अवसर पर रचनात्मक सहयोग देने के बजाय महिला-विरोधी मानसिकता का परिचय दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए उपस्थित वक्ताओं नेंकहा कि महिलाओं को नीति-निर्माण में भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक और स्वाभाविक अधिकार है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले चुनावों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और सशक्त मतदान इन मुद्दों पर निर्णायक प्रभाव डालेगा।वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल वर्षों से महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व से वंचित करते रहे हैं, जो हालिया बहस में एक बार फिर उजागर हुआ। पार्टी ने विपक्ष के रवैये को “अलोकतांत्रिक, शर्मनाक और महिला-विरोधी” बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। वक्ताओं ने कहा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, इन विधेयकों का उद्देश्य “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” के संवैधानिक सिद्धांत को प्रभावी रूप से लागू करना है।

उन्होंने परिसीमन को एक आवश्यक संवैधानिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसे लंबे समय तक टालने से प्रतिनिधित्व में असंतुलन उत्पन्न हुआ है।कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कि उसने दशकों तक तकनीकी बहानों, समितियों और लंबी प्रक्रियाओं के जरिए महिला आरक्षण को टालने का काम किया। पार्टी का दावा है कि पंचायत स्तर पर आरक्षण देना आसान समझा गया, लेकिन संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयासों को जानबूझकर लंबित रखा गया।अन्य विपक्षी दलों पर भी भाजपा ने तीखे आरोप लगाए।

समाजवादी पार्टी पर ‘धर्म आधारित आरक्षण’ की असंवैधानिक मांग उठाने का आरोप लगाया गया, जबकि तृणमूल कांग्रेस पर पश्चिम बंगाल में महिलाओं की आवाज को दबाने का आरोप लगाया गया। वहीं, डीएमके और उसके सहयोगियों पर ‘उत्तर-दक्षिण विभाजन’ की राजनीति करने की बात कही गई।

परिसीमन को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि इससे किसी भी राज्य या क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि परिसीमन का उद्देश्य जनसंख्या के अनुपात में संतुलित और समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।

भाजपा का यह भी कहना है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन परिसीमन से जुड़ा है, इसलिए इसमें देरी का अर्थ महिलाओं के आरक्षण में देरी करना होगाआयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से नगर निगम मेयर अजय वर्मा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ किरण पंत, नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

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