नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखंड के पूर्व प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति एवं फेरबदल की घोषणा की। दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के साथ ही उत्तराखंड की राजनीति और भाजपा संगठन से जुड़े उनके पुराने संबंधों के चलते यह खबर प्रदेश में भी चर्चा का विषय बन गई है।
भाजपा संगठन में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी
दुष्यंत गौतम भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उत्तराखंड में भाजपा के प्रभारी के तौर पर भी उन्होंने संगठनात्मक कार्यों में भूमिका निभाई। अब उन्हें सिक्किम के राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
छह राज्यों में हुआ राज्यपालों का फेरबदल
राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार, छह राज्यों में नई नियुक्तियां की गई हैं। इनमें सिक्किम के अलावा उत्तराखंड, ओडिशा, कर्नाटक, केरलम और तमिलनाडु शामिल हैं।
- सिक्किम: दुष्यंत गौतम
- उत्तराखंड: डॉ. ढाल सिंह बिसेन
- ओडिशा: ब्रज मोहन राम
- कर्नाटक: डॉ. सुधा यादव
- केरलम: ओम प्रकाश माथुर
- तमिलनाडु: राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर
इनमें कुछ नए राज्यपालों की नियुक्ति हुई है, जबकि कुछ मौजूदा राज्यपालों को दूसरे राज्यों में स्थानांतरित किया गया है।
उत्तराखंड से सिक्किम तक नई जिम्मेदारी
उत्तराखंड में भाजपा प्रभारी के रूप में काम कर चुके दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को उनके राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। राज्यपाल का पद संवैधानिक जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है और इस पद पर नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
दुष्यंत गौतम के सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त होने से उत्तराखंड के राजनीतिक हलकों में भी उनकी नई भूमिका को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है।






















