(आयोजन का प्रसारण आन लाइन हुआ देश के ही नहीं बल्कि विदेशों के श्रृद्धालुओं ने कार्यक्रम में चार चांद लगाये)

नवरात्रि पर साहित्योदय का 24 घंटे का अखंड काव्यार्चन, रचा भक्ति और साहित्य का अनूठा संगम देखने को मिला। इस आयोजन में देश के ही नहीं बल्कि विदेशों के श्रृद्धालुओं ने भाग लेकर चार चांद लगाये।


नवरात्रि के पावन अवसर पर पंकज प्रियम द्वारा स्थापित, (चार बार वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी) संस्था साहित्योदय केतत्वावधान में 24 घंटे का अखंड काव्यार्चन कार्यक्रम भव्य रूप सेआयोजित किया गया। 21 मार्च 2026 को प्रातः 11 बजे से आरम्भऑनलाइन माध्यम में आयोजित इस आध्यात्मिक एवं साहित्यिक आयोजन का लाइव प्रसारण देश-विदेश में हुआ, जिससे विश्वभर के साहित्य प्रेमियों ने इसमें सहभागिता की। तथा 22 मार्च 2026 की प्रातः 11 बजे इसका सुखद, सफल, भक्तिमय समापन किया गया।


इस विशेष काव्य अनुष्ठान में देश-विदेश के लब्धप्रतिष्ठित रचनाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम भक्ति भावना से ओत-प्रोत रहा, जिसमें सभी कवियों एवं कवयित्रियों ने माता रानी के भजनों एवं स्वरचित काव्य के माध्यम से अपनी श्रद्धा अर्पित की।उत्तराखण्ड से भी अनेक सम्माननीय कवि-कवयित्रियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अल्मोड़ा की हेमा आर्या ‘शिल्पी’ सहित अर्चना झा, शोभा पाराशर, संगीता वर्मानी, अंशु जैन माहेश्वरी, कनेरी जी, अनीता सोनी, नीरू गुप्ता, इंदु अग्रवाल एवं निशा अतुल्य आदि ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को विशेष ऊंचाइयों तक पहुंचाया।विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता अलग अलग उत्तराखण्ड की प्रतिष्ठित कवयित्रियों द्वारा की गई, विद्युत प्रभा ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

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