​उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आगामी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर देर रात भारी राजनीतिक हंगामा देखने को मिला है. प्रशासन द्वारा ऐन वक्त पर ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में रैली की अनुमति रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई. इस सियासी ड्रामे के बाद अब राहुल गांधी की यह रैली 17 जुलाई को देहरादून के ही बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित की जाएगी.

अनुमति रद्द होने पर भड़की कांग्रेस

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए परेड ग्राउंड को तीन दिन के लिए बुक किया गया था और नगर निगम में 1 लाख 77 हजार रुपये का शुल्क भी जमा कर दिया गया था. लेकिन 14 जुलाई की शाम को प्रशासन ने अचानक अनुमति निरस्त कर दी. इस फैसले के विरोध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता रात को ही परेड ग्राउंड की तरफ कूच कर गए.

देर रात का हंगामा और धरना

सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस बल और बैरिकेड्स को तोड़ते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता परेड ग्राउंड के गेट तक पहुंच गए और वहां लगा ताला तोड़कर अंदर दाखिल हो गए. सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया. प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और यशपाल आर्या ने सीधे तौर पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार राहुल गांधी की लोकप्रियता से डर गई है और घबराहट में यह कदम उठाया है. हालांकि, बाद में छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कांग्रेस ने बन्नू स्कूल मैदान में तैयारियां शुरू करने का फैसला किया.

क्या है ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम?

यह राहुल गांधी का एक देशव्यापी अभियान है, जिसकी शुरुआत राजस्थान के कोटा से हुई थी. इसके तहत पेपर लीक, भर्ती घोटाले, महंगी शिक्षा और शिक्षा व्यवस्था की कमियों जैसे गंभीर मुद्दों पर छात्रों से सीधा संवाद किया जाता है. उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में इस रैली को चुनाव से पहले कांग्रेस के एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है. 

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