नई दिल्ली: देश में आज (1 जून 2026) से रसोई गैस कनेक्शनों को लेकर बेहद सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। सरकार द्वारा पाइप नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने की तमाम कोशिशों के बाद भी, आंकड़े बताते हैं कि मार्च तक करीब 6.5 लाख नए PNG कनेक्शन तो लगे, लेकिन वास्तविक गैस खपत में करीब 18 प्रतिशत की कमी देखी गई। इसका सीधा मतलब है कि लोगों ने कनेक्शन लेने के बावजूद एलपीजी (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल बंद नहीं किया।
इसी जमाखोरी और कालेबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने अब ‘एक घर, एक गैस कनेक्शन’ का नियम कड़ा कर दिया है। तेल कंपनियां अब ऐसे घरों को चिन्हित कर रही हैं जहां PNG और LPG दोनों का उपयोग हो रहा है। नए नियम के तहत, यदि आपके इलाके में PNG चालू है, तो आपको अपना LPG सिलेंडर सरेंडर करना होगा। ऐसा न करने पर आपका एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक या कैंसिल कर दिया जाएगा। सिलेंडर सरेंडर करने पर गैस एजेंसी एक ‘ट्रांसफर वाउचर’ देगी, जिससे भविष्य में PNG-रहित क्षेत्र में जाने पर दोबारा एलपीजी कनेक्शन आसानी से मिल सकेगा।
इसके अलावा, सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए दो बुकिंग के बीच का ‘लॉक-इन पीरियड’ बढ़ा दिया गया है। अब शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ता 21 के बजाय 25 दिनों से पहले और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता 45 दिनों से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। साथ ही, अब गैस चोरी और फर्जी बुकिंग रोकने के लिए डिलीवरी के समय सिर्फ कागजी रसीद मान्य नहीं होगी; मोबाइल पर आया OTP (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) देना अनिवार्य होगा

















