खटीमा। उधमसिंह नगर जिले के सीमांत क्षेत्र खटीमा में एक शादी समारोह उस समय मातम और भारी बवाल में तब्दील हो गया, जब निकाह की रस्म के दौरान दहेज और मेहर की रकम को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई। विवाद से उपजे अत्यधिक तनाव के कारण दुल्हन के पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ गया। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता की मौत की खबर मिलते ही शादी वाले घर में कोहराम मच गया और शादी की खुशियां पूरी तरह काफूर हो गईं।
यह सनसनीखेज घटना वार्ड नंबर-7 इस्लामनगर स्थित एक मैरिज हॉल की है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से बारात खटीमा आई थी। शुरुआती रस्में बेहद सामान्य और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुईं, लेकिन निकाह के ठीक पहले मेहर और दहेज के लेनदेन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। लड़की पक्ष का गंभीर आरोप है कि शादी तय होने के बाद से ही दूल्हा पक्ष लगातार अपनी मांगें बढ़ा रहा था। पहले स्कूटी की बात हुई, फिर महंगी बाइक और मोटी नकद राशि की जिद की जाने लगी। निकाह के ऐन वक्त पर मेहर की रकम को लेकर भी दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई, जिससे तनाव चरम पर पहुंच गया।
दुल्हन के पिता की मौत की खबर जैसे ही मैरिज हॉल में फैली, वहां मौजूद स्थानीय लोग और घराती आक्रोशित हो गए। गुस्से से भड़की भीड़ ने दूल्हे मोहम्मद आरिफ और कई मुख्य बारातियों को मौके पर ही बंधक बना लिया। इस दौरान उग्र भीड़ ने उनके साथ मारपीट भी की। माहौल इतना हिंसक और डरावना हो गया कि कई बारातियों ने अपनी जान बचाने के लिए मैरिज हॉल की ऊंची छतों और खिड़कियों से नीचे छलांग लगा दी, जिससे कुछ बारातियों के घायल होने की भी सूचना है। इस हंगामे के दौरान मैरिज हॉल में जमकर तोड़फोड़ हुई और कुर्सियां तोड़ दी गईं।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए सबसे पहले बंधक बनाए गए दूल्हे और बारातियों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। साथ ही मैरिज हॉल में फंसी महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा घेरे में लेकर सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस प्रशासन के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों को बैठाकर मामले को शांत करने और सुलझाने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि दोनों पक्षों में आपसी समझौता नहीं होता है, तो पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
















