खैरना। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के अंतर्गत बुधवार को श्री कैंचीधाम तहसील के न्याय पंचायत गरमपानी (खैरना) में भव्य बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में क्षेत्रीय जनता की समस्याओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शिविर में कुल 107 शिकायतें पंजीकृत की गईं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार:
शिविर में सबसे बड़ा मामला गरमपानी सहकारी समिति में वित्तीय अनियमितता और ग्रामीणों की जमापूंजी वापस न मिलने का आया। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने विभाग की ढीली जांच पर नाराजगी जताई और संबंधित दोषियों के खिलाफ आज ही एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के आदेश दिए।
सड़क, बिजली और पेयजल पर निर्देश:
बजेड़ी गांव में झूलते विद्युत तारों की शिकायत पर डीएम ने एक सप्ताह के भीतर अतिरिक्त पोल लगाने के निर्देश दिए। वहीं, ग्रामीणों द्वारा जंगली जानवरों के आतंक से फसल बचाने हेतु सोलर फेंसिंग और पिंजरे लगाने की मांग पर वन विभाग को त्वरित कार्यवाही को कहा गया। डोबा और गरमपानी में पुल निर्माण के लिए लोनिवि को तत्काल डीपीआर (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बुनियादी ढांचा और महिला सुरक्षा:
जिलाधिकारी ने पर्यटन और स्थानीय आवागमन को देखते हुए भवाली से क्वारब तक विभिन्न पड़ावों पर महिलाओं के लिए जिला पंचायत के माध्यम से शौचालयों के निर्माण का आदेश दिया। साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्ग पर खतरनाक खुली नालियों को ढकने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए। शिप्रा नदी में जमा बड़े पत्थरों को मानसून से पहले हटाने हेतु सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया।
विभागीय स्टॉल और जनसेवा:
शिविर में 23 विभागों ने अपने स्टॉल लगाए। स्वास्थ्य विभाग ने 59 लोगों का उपचार किया, जबकि आयुर्वेद और होम्योपैथिक विभागों ने लगभग 100 मरीजों को निशुल्क दवाएं दीं। कृषि विभाग द्वारा किसानों को यंत्र व जैविक खाद का वितरण भी किया गया।
इस दौरान ब्लॉक प्रमुख अंकित साह, भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज बिष्ट, उपजिलाधिकारी मोनिका, तहसीलदार नेहा टम्टा, ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष जे.डी. कत्यूरा, रमेश सुयाल, मदन मोहन कैड़ा, बालम सिंह, त्रिभुवन पाठक, दलीप बोहरा, दयाल सिंह, नरेश अश्वाल, मौ शकील इत्यादी लोग मौजूद रहे।

















