पहाड़ की लाइफलाइन कहे जाने वाले अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करना इन दिनों किसी चुनौती से कम नहीं है। राजमार्ग पर यात्रियों को दोहरे संकट का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ जहाँ कैंची धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जाम का कारण बन रही है, वहीं दूसरी तरफ क्वारब के पास दरकती पहाड़ी और संकरी सड़क ने यातायात की कमर तोड़ दी है।
प्रशासन द्वारा कैंची धाम के जाम से बचाने के लिए छोटे वाहनों को रामगढ़-मुक्तेश्वर मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है। इस वैकल्पिक मार्ग से यात्रियों को कैंची के जाम से तो मुक्ति मिल रही है, लेकिन क्वारब पहुंचते ही स्थिति बदतर हो जा रही है। क्वारब के पास पहाड़ी के लगातार दरकने और सड़क के धंसने के कारण यहां घंटों लंबा जाम लग रहा है। यात्री एक जाम से बचकर दूसरे बड़े जाम में फंसने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि यह स्थिति पिछले कई महीनों से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है।
जाम का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है। सामान्य दिनों में जो किराया ₹400 होता था, जाम और मार्ग परिवर्तन के कारण यात्रियों को ₹800 देने पड़ रहे हैं इसके बावजूद यात्री समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई यात्रियों की बसें और ट्रेनें छूट रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बार-बार होने वाले भूस्खलन और प्रशासन के अस्थायी पैचवर्क से जनता में भारी रोष है। यात्रियों का सवाल है कि आखिर कब तक उन्हें इस नरकीय जाम से जूझना पड़ेगा? क्या सरकार क्वारब डेंजर जोन का स्थायी उपचार करने में सक्षम नहीं है? यदि जल्द ही क्वारब में सड़क चौड़ीकरण और पहाड़ी का ट्रीटमेंट नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है।
कैंची धाम का जाम: गरमपानी और छड़ा के व्यापारियों का कारोबार ठप
विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते लगने वाला लंबा जाम अब स्थानीय व्यापारियों के लिए मुसीबत बन गया है। भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ‘कैंची’ में जाम के कारण प्रशासन अक्सर ट्रैफिक डायवर्जन (मार्ग परिवर्तन) लागू कर देता है।
इसका सीधा और नकारात्मक असर गरमपानी से छड़ा तक के बाजार पर दिख रहा है जहाँ एक ओर कैंची और भवाली के होटलों-रेस्टोरेंटों में पैर रखने की जगह नहीं होती, वहीं डायवर्जन के कारण गरमपानी क्षेत्र की दुकानें दिन भर खाली रहती हैं। होटल कारोबारी खाली हाथ बैठने को मजबूर हैं। व्यापारियों का कहना है कि जब कमाई के दिन होते हैं, तब जाम और डायवर्जन उनका कारोबार चौपट कर देता है। स्थानीय लोगों ने सरकार से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।

















