भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जिला अल्मोड़ा की जिला बैठक अल्मोड़ा में आयोजित हुई। बैठक में संगठन विस्तार, पूर्व सैनिकों की सामाजिक भूमिका, शहीद परिवारों के साथ संपर्क, युवा मार्गदर्शन तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत (अवकाश प्राप्त) तथा अति विशिष्ट अतिथि डॉ. शैलेन्द्र, प्रांत प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तराखण्ड रहे।अपने उद्बोधन में मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत ने कहा कि एक सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, बल्कि जीवनभर राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करता रहता है। उन्होंने कहा कि सैनिक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक राष्ट्रसेवा के दो पूरक आयाम हैं। एक सीमा पर राष्ट्र की सुरक्षा करता है, जबकि दूसरा समाज को संगठित एवं सशक्त बनाने का कार्य करता है।

दोनों का लक्ष्य राष्ट्रहित और राष्ट्रवैभव है। वर्तमान समय में बच्चों और अभिभावकों के बीच संवाद कम हो रहा है, जिसके कारण कुटुंब प्रबोधन की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने प्रत्येक पूर्व सैनिक से अपने क्षेत्र के सैनिक परिवारों तथा शहीद परिवारों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने का आह्वान किया। आगामी कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीद परिवारों से भेंट एवं संवाद को उन्होंने पूर्व सैनिकों का नैतिक दायित्व बताया।मेजर जनरल रावत ने कहा कि समाज में बढ़ती नकारात्मकता को दूर करने के लिए केवल सरकार पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।

नैतिक मूल्यों का संवर्धन परिवार और समाज के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने युवाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार एवं मार्गदर्शन पर बल देते हुए कहा कि पूर्व सैनिकों को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सैनिक की जिम्मेदारी सुनिश्चित होनी चाहिए तथा समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर राष्ट्रभावना को मजबूत करने का कार्य किया जाना चाहिए।अति विशिष्ट अतिथि डॉ. शैलेन्द्र ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार या सेना का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक समाज में अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणास्रोत हैं तथा उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता का लाभ समाज को मिलना चाहिए।उन्होंने सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज को विभाजित करने वाली तथा राष्ट्रविरोधी प्रवृत्तियों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। संघ समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास करता है। भारत की एकता, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण ही सभी को जोड़ने का आधार है। विभिन्न पूजा-पद्धतियों का सम्मान करते हुए उन्होंने राष्ट्रहित के लिए सभी समुदायों के एक मंच पर आने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, नए कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। उपस्थित पूर्व सैनिकों ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा आगामी समय में व्यापक संपर्क अभियान चलाने का संकल्प लिया। साथ ही शहीद परिवारों, पूर्व सैनिकों एवं युवाओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में परिषद के जिला अध्यक्ष केशव दत्त पांडे,तथा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए अनेक पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

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