पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में गुरुवार दोपहर बाद मौसम के रौद्र रूप ने भारी तबाही मचाई। जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में हुई भीषण ओलावृष्टि से पूरा जनजीवन ठप हो गया। ओलों का आकार इतना बड़ा और रफ्तार इतनी तेज थी कि सड़कों पर खड़े वाहनों के शीशे टूट गए और बाजार में खुले में बैठे व्यापारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। बीते डेढ़ महीने में यह अब तक की सबसे भयावह ओलावृष्टि बताई जा रही है।

​मुख्यालय के अलावा कनालीछीना और डीडीहाट में तेज हवाओं के साथ पानी गिरा, तो वहीं प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मुनस्यारी के खलिया द्वार और बिटलीधार में भी जमकर ओले बरसे। धारचूला, बेरीनाग और गंगोलीहाट समेत पूरे जिले में आसमान काले बादलों से घिरा हुआ है और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। शाम को एक बार फिर शुरू हुई झमाझम बारिश ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अगले पांच दिनों तक जिले में भारी से बहुत भारी बारिश और ओलावृष्टि की कड़ी चेतावनी (अलर्ट) जारी की है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

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