(जामा मस्जिद में अल अंजुमन सेवा समिति द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन, 22 यूनिट रक्त संग्रहित )

मानवता की सेवा और आपातकालीन स्थितियों में मरीजों की जान बचाने के पुनीत उद्देश्य से जामा मस्जिद अल्मोड़ा में अल अंजुमन सेवा समिति द्वारा एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का भव्य आयोजन किया गया। शिविर में स्थानीय मुस्लिम समाज, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।​30 लोगों की स्क्रीनिंग, 22 यूनिट रक्तदान
​शिविर में रक्तदाताओं का उत्साह चरम पर था।

इस दौरान कुल 30 रक्तदाताओं की प्रारंभिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई, जिसके बाद चिकित्सकीय मानकों पर पूरी तरह स्वस्थ पाए गए 22 सजग नागरिकों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। संग्रहित किए गए रक्त को बेस अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में आपातकालीन उपयोग हेतु सुरक्षित रखा गया है।​रक्तदान शिविर को सफल बनाने में मुस्लिम समाज के कई संभ्रांत नागरिकों और समाजसेवियों ने उपस्थित रहकर योगदान दिया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से​अल अंजुमन सेवा समिति के नूर करम खान,​जामा मस्जिद के मुतवल्ली रज़ा अली अंसारी​पूर्व अध्यक्ष उमर हुसैन,​असलम एडवोकेट,​राजा खान,​शाहनवाज वारसी,​इसरार अहमद,​राजू भाई​नसीम अहमद,​मुख्तार अंसारी​दानिश इस्लाम,​आसिफ खान​आदिल खान,​अरशद ,खय्याम​शाहनवाज अंसारी,​नियाजगंज वार्ड के पार्षद एडवोकेट इंतिखाबकुरैशी
​इनके साथ ही नाज़िया, हूर बानो, सैयद आसना अली आदि ने भी कार्यक्रम में उपस्थित रहकर रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया और व्यवस्थाएं बनाने में सहयोग किया।
​शिविर के समापन सत्र में इंतजामिया कमेटी और आयोजकों द्वारा स्वास्थ्य, प्रबंधन और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों व सहयोगियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।​आयोजकों द्वारा अल अंजुमन सेवा समिति अल्मोड़ा के पूर्व अध्यक्ष उमर हुसैन को समाज के प्रति उनकी दीर्घकालिक सेवाओं के लिए अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। समिति के नूर करम खान ने रक्तकेंद्र प्रभारी डॉ. आशीष जैन द्वारा रक्तकेंद्र के कुशल प्रबंधन एवंआपातकालीन स्थिति में जीवनरक्षा हेतु किए जा रहे भगीरथ प्रयासों की सराहना की। इस दौरान अल अंजुमन सेवा समिति द्वारा द्वारा डॉ. आशीष जैन एवं ब्लड बैंक की पूरी टीम को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।


​इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान (SSJGIMSR) के चिकित्सा समाज कल्याण अधिकारी हेम बहुगुणा ने अल अंजुमन सेवा समिति एवं समस्त मुस्लिम समाज का इस उत्कृष्ट कार्य हेतु हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय रक्तदान कर जीवन बचाना ही सबसे बड़ा धर्म है। इस तरह के सामूहिक और स्वैच्छिक प्रयास समाज में आपसी सौहार्द, एकता और सेवा भावना की एक अनूठी मिसाल पेश करते हैं।

रक्तदान कार्यक्रम में डॉ आस्था, नर्सिंग अधिकारी निशा धामी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट राजदेव सिंह आदि ने सक्रिय योगदान दिया।
​अंत में आयोजकों ने मेडिकल कॉलेज की टीम, सभी रक्तदाताओं और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सर्व मुस्लिम समाज का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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