जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में खूंखार आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लिया है। दुश्मन देश का भारत में दूतावास बंद किया जाएगा और सभी राजनयिकों को निकलने के लिए सिर्फ 48 घंटे का वक्त मिलेगा। इसके अलावा सिंधु जल समझौते को भी खत्म करने का ऐलान हुआ है, जिससे पाकिस्तान में जल संकट की स्थिति पैदा हो सकती है। यह समझौता दोनों देशों के बीच 1960 से ही चला आ रहा है। माना जा रहा है कि इस निर्णय से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगेगा और जल संकट के चलते वह घुटनों पर आ सकता है। भारत ने पाकिस्तान में भी अपने दूतावास को बंद करने का फैसला लिया है और तत्काल प्रभाव से राजनयिक एवं अन्य स्टाफ को वापस लौटने को कहा गया है।

सभी पाकिस्तानियों का वीजा रद्द किया गया है और फिलहाल मौजूद लोगों को भारत छोड़ना होगा। भारत सरकार ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है और इसमें कोई और सख्त फैसला लेने पर चर्चा हो सकती है। पाकिस्तान और भारत के बीच आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाले अटारी बॉर्डर को भी तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला हुआ है। भारत सरकार ने बीते 10 सालों में पाकिस्तान की आतंकी हरकतों के जवाब में एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक की थीं। ऐसे में पहलगाम में पाकिस्तान प्रेरित आतंकियों ने जब 26 मासूम पर्यटकों का कत्ल कर डाला तो सरकार से सख्ती उम्मीद थी। इसी पर आगे बढ़ते हुए मोदी सरकार ने कड़े निर्णय लिए हैं।

मंगलवार को हुई इस आतंकी घटना के बाद होम मिनिस्टर अमित शाह तुरंत जम्मू-कश्मीर गए और घटनास्थल भी पहुंचे थे। वहीं नरेंद्र मोदी भी सऊदी अरब का अपना दौरा बीच में ही छोड़कर भारत लौट आए और आज कैबिनेट की सुरक्षा समिति की मीटिंग हुई, जिसमें ये अहम निर्णय लिए गए।

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