
मिडिया को अपने अध्ययन परिणाम से बताते हुए कहा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बहुत बड़े होमवर्क की आवश्यकता है सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए।
अल्मोड़ा जनपद की काकड़ीघाट की समाजिक कार्यकर्ता पुष्पा ने अल्मोड़ा जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर धरातल पर शोध किया है मिडिया को अपने अध्ययन परिणाम से बताते हुए कहा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बहुत बड़े होमवर्क की आवश्यकता है सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए। सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा अल्मोड़ा जनपद के काकड़ीघाट क्षेत्र में महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर किए गए अध्ययन के निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए।

उक्त अध्ययन के अंतर्गत 9 ग्राम पंचायतों के 18 ग्रामों की 340 महिलाओं से संवाद किया गया, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पहुँच एवं गुणवत्ता अत्यंत असंतोषजनक है। उपचार हेतु महिलाओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक बोझ बढ़ रहा है।
अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष
अल्मोड़ा जनपद में प्रति एक लाख जनसंख्या पर केवल 22 चिकित्सक उपलब्ध हैं, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार यह संख्या 100 चिकित्सक होनी चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के लगभग 94 प्रतिशत पद रिक्त हैं, जिसके कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यक्षमता सीमित हो गई है।
99 प्रतिशत महिलाओं को पिछले तीन महीनों में स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता पड़ी, परंतु पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में अधिकांश मामलों में उपचार में विलंब हुआ।
एक महिला को औसतन वार्षिक रूप से लगभग 30,000 रुपये स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यय करने पड़ते हैं।
20 प्रतिशत महिलाओं ने समय पर उपचार न मिल पाने के कारण परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु की जानकारी दी।
महिलाओं पर प्रभाव
ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन के कारण अधिकांश गाँवों में महिलाएँ, बच्चे एवं वृद्धजन ही निवास कर रहे हैं। कृषि, पशुपालन एवं घरेलू दायित्वों के साथ-साथ अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रतिकूल प्रभाव महिलाओ पर पड़ रहा है। विशेष रूप से मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं की कमी गंभीर चिंता का विषय है।
अध्ययन ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को रेखांकित करता है। यह आवश्यक है कि संबंधित विभाग इस विषय को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध एवं प्रभावी कदम उठाएँ, जिससे ग्रामीण महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुलभ हो सकें।
















