गरमपानी । अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित प्रसिद्ध व्यावसायिक व पर्यटन पड़ाव ‘गरमपानी’ इन दिनों भारी गंदगी और प्रशासनिक लापरवाही की मार झेल रहा है। यह हाईवे का एक ऐसा व्यस्त और प्रमुख स्थल है, जहां रोजाना ताजी सब्जियां व फल खरीदने, पहाड़ की प्रसिद्ध दाल , पानी के धारे से पानी भरने और प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजन ‘आलू-पकौड़ी रायता’ का स्वाद चखने के लिए हजारों गाड़ियां और मुसाफिर रुकते हैं।
विडंबना यह है कि जिस महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्वच्छता का सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाना चाहिए था, वहां आज चारों तरफ कूड़े के ढेर जमा हैं। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इस पूरे क्षेत्र में कूड़ा उठाने वाली गाड़ी ही नहीं आई है। नियमित सफाई न होने के कारण बाजार और हाईवे के किनारे लगातार कचरा जमा हो रहा है, जिससे उठने वाली भीषण दुर्गंध ने राहगीरों और स्थानीय लोगों का जीना दूभर कर दिया है।
हैरानी की बात यह है कि अभी कुछ दिन पहले ही उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस क्षेत्र की तुरंत सफाई कराने के कड़े आदेश दिए थे। इसके बावजूद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सुस्त बैठा है और धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों के आदेश हवा में उड़ रहे हैं, जिससे स्थानीय जनता में गहरा आक्रोश है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कूड़े का नियमित उठान शुरू नहीं हुआ, तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।
















